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आतंकियों का अमरोहा कनेक्शन तलाश रहा खुफिया विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 20 Dec 2015 12:19 AM IST
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संभल में आतंकियों के पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियों और एलआईयू की नजरें जिले पर गड़ गईं हैं। एलआईयू ने शनिवार को शहर में आरोपियों के रिश्तेदारों और दोस्तों की तलाश में सुरागकशी की है।
एजेंसियों की भी इस पर नजर है। आतंक का जाल फैलाने व स्लीपिंग माड्यूल तैयार करने में अक्सर विश्वास पात्र, जज्बाती लोगों के अहम कड़ी होने से एजेंसियां लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) के जरिए संभल में पकड़े गए अलकायदा के आतंकियों का अमरोहा कनेक्शन भी तलाश रहीं हैं। कनेक्शन निकलने पर एसटीएफ दस्तक दे सकती है।
अमन की नगरी के नाम से प्रसिद्ध अमरोहा शहर के नाम पर आतंक का दाग करीब आठ साल पहले उस वक्त लगा था जब एसटीएफ ने मोहल्ला चिल्ला और कोट होदड़िया से दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था।
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इसके बाद कचहरी बम कांड के सूत्रधार ने भी शहर के एक मदरसे से तालीम हासिल की थी। बिजनौर में बम ब्लास्ट के बाद फरार हुए सिमी के आतंकियों ने भी जोया कस्बे में शरण ली और सेना की खुफिया जानकारी जुटाने के मामले में पकड़े गए मेरठ के आतंकी का भी जोया की एसबीआई शाखा में एकाउंट सामने आया था।
इन घटनाओं के मद्देनजर अब पड़ोसी जिले संभल में अलकायदा के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में लगे मोहम्मद आसिफ, जफर महमूद उर्फ गुड्डू के गिरफ्तार किए जाने के बाद खुफिया एजेंसियों की नजरें जिले पर गड़ र्गइं हैं।
चूंकि दोनों जिलों के बीच की दूरी करीब चालीस किलोमीटर है और काफी तादात में दोनों जिलों में लोगों की रिश्तेदारियां भी हैं। ऐसे में आसिफ और जफर की रिश्तेदारियां अमरोहा जिले में होने की आशंका है।
इसी वजह से आतंकियों का नेटवर्क और स्लीपिंग माड्यूल अमरोहा जिले में होने की बात से खुफिया एजेंसियां इंकार नहीं कर रहीं हैं।
जिले में कौन-कौन से मोहल्लों या गांवों में रिश्तेदारियां हैं, लोकल इंटेलीजेंसी इसकी तलाश में जुटी है। रिश्तेदारी के जरिए दोनों किन लोगों के संपर्क में थे, इसका भी सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है। माना जा रहा है कि आतंकियों के कनेक्शन का पता चलते ही एसटीएफ कभी भी जिले में धमक सकती है।
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एजेंसियों की भी इस पर नजर है। आतंक का जाल फैलाने व स्लीपिंग माड्यूल तैयार करने में अक्सर विश्वास पात्र, जज्बाती लोगों के अहम कड़ी होने से एजेंसियां लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) के जरिए संभल में पकड़े गए अलकायदा के आतंकियों का अमरोहा कनेक्शन भी तलाश रहीं हैं। कनेक्शन निकलने पर एसटीएफ दस्तक दे सकती है।
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अमन की नगरी के नाम से प्रसिद्ध अमरोहा शहर के नाम पर आतंक का दाग करीब आठ साल पहले उस वक्त लगा था जब एसटीएफ ने मोहल्ला चिल्ला और कोट होदड़िया से दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था।
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इसके बाद कचहरी बम कांड के सूत्रधार ने भी शहर के एक मदरसे से तालीम हासिल की थी। बिजनौर में बम ब्लास्ट के बाद फरार हुए सिमी के आतंकियों ने भी जोया कस्बे में शरण ली और सेना की खुफिया जानकारी जुटाने के मामले में पकड़े गए मेरठ के आतंकी का भी जोया की एसबीआई शाखा में एकाउंट सामने आया था।
इन घटनाओं के मद्देनजर अब पड़ोसी जिले संभल में अलकायदा के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में लगे मोहम्मद आसिफ, जफर महमूद उर्फ गुड्डू के गिरफ्तार किए जाने के बाद खुफिया एजेंसियों की नजरें जिले पर गड़ र्गइं हैं।
चूंकि दोनों जिलों के बीच की दूरी करीब चालीस किलोमीटर है और काफी तादात में दोनों जिलों में लोगों की रिश्तेदारियां भी हैं। ऐसे में आसिफ और जफर की रिश्तेदारियां अमरोहा जिले में होने की आशंका है।
इसी वजह से आतंकियों का नेटवर्क और स्लीपिंग माड्यूल अमरोहा जिले में होने की बात से खुफिया एजेंसियां इंकार नहीं कर रहीं हैं।
जिले में कौन-कौन से मोहल्लों या गांवों में रिश्तेदारियां हैं, लोकल इंटेलीजेंसी इसकी तलाश में जुटी है। रिश्तेदारी के जरिए दोनों किन लोगों के संपर्क में थे, इसका भी सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है। माना जा रहा है कि आतंकियों के कनेक्शन का पता चलते ही एसटीएफ कभी भी जिले में धमक सकती है।