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शिक्षक के बेटे की संदिग्ध हालात में अमेरिका में मौत
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 25 Oct 2015 12:39 AM IST
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गजरौला के शिक्षक के बेटे की अमेरिका के शिकागो शहर में बंद कमरे में शव मिला। वह पांच साल से टीसीएस में बतौर मैनेजर कार्यरत था। संदिग्ध हालात में युवक की मौत की खबर पर परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों को तांता लगा हुआ है।
समीपवर्ती गांव अफजलपुर लूट निवासी जयप्रकाश सैन रजबपुर के नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में बतौर शिक्षक कार्यरत हैं। उनका छोटा बेटा 34 वर्षीय अभिषेक ग्रेवाल मई 2011 से अमेरिका के शिकागो शहर में स्थित टीसीएस कंपनी के कार्यालय में बतौर मैनेजर कार्यरत था।
पिता ने बताया कि 22 अक्तूबर की रात 12 बजे अभिषेक की पत्नी रेनुका सिंह के मोबाइल पर कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट से कॉल आई थी। जिसमें बताया गया कि बंद कमरे में अभिषेक की लाश मिली है। पूछने पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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पिता ने बताया कि 19 और 20 अक्तूबर की शाम अभिषेक से मोबाइल पर बात हुई थी। सबकुछ ठीक था। अभिषेक का स्वास्थ्य भी खराब नहीं था। 21 अक्तूबर की शाम को जब अभिषेक को कॉल की तो नंबर स्विच ऑफ हो गया था। इसके बाद अभिषेक से बात नहीं हो सकी।
दो दिन से ऑफिस नहीं गया था अभिषेक
गजरौला। अभिषेक के पिता ने बताया कि उन्होंने जब मोबाइल पर टीसीएस कंपनी के स्टाफ से घटनाक्रम की जानकारी ली तो पता चला कि दो दिन से अभिषेक दफ्तर नहीं गया था। अभिषेक के दफ्तर न आने से स्टाफ के लोग 22 अक्तूबर को उसके कमरे पर पहुंचे। बेल बजाने पर कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो पुलिस को बुला कर डुप्लिकेट चाबी से कमरा खोला गया। यहां अभिषेक की लाश फर्श पर पड़ी थी।
मासूम के सिर से उठा पिता का साया
गजरौला। अभिषेक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां सुनीता देवी का रो-रोकर बुराहाल है। दो साल की बेटी आराध्या है, पत्नी रेनुका भी खुद को संभाल नहीं पा रही है, फिर भी पति का शव जल्दी ही इंडिया लाने के लिए उसे दिल्ली जाना पड़ा।
सैन समाज ने व्यक्त की शोक संवेदना
गजरौला। भारतीय सैन समाज ने अभिषेक की मौत पर शोक संवेदना जाहिर की है। अभिषेक के पिता जयप्रकाश, सैन समाज के प्रदेश महासचिव पद पर हैं। प्रदेश सचिव मनमोहन सिंह सैन के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गांव पहुंच कर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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समीपवर्ती गांव अफजलपुर लूट निवासी जयप्रकाश सैन रजबपुर के नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में बतौर शिक्षक कार्यरत हैं। उनका छोटा बेटा 34 वर्षीय अभिषेक ग्रेवाल मई 2011 से अमेरिका के शिकागो शहर में स्थित टीसीएस कंपनी के कार्यालय में बतौर मैनेजर कार्यरत था।
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पिता ने बताया कि 22 अक्तूबर की रात 12 बजे अभिषेक की पत्नी रेनुका सिंह के मोबाइल पर कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट से कॉल आई थी। जिसमें बताया गया कि बंद कमरे में अभिषेक की लाश मिली है। पूछने पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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पिता ने बताया कि 19 और 20 अक्तूबर की शाम अभिषेक से मोबाइल पर बात हुई थी। सबकुछ ठीक था। अभिषेक का स्वास्थ्य भी खराब नहीं था। 21 अक्तूबर की शाम को जब अभिषेक को कॉल की तो नंबर स्विच ऑफ हो गया था। इसके बाद अभिषेक से बात नहीं हो सकी।
दो दिन से ऑफिस नहीं गया था अभिषेक
गजरौला। अभिषेक के पिता ने बताया कि उन्होंने जब मोबाइल पर टीसीएस कंपनी के स्टाफ से घटनाक्रम की जानकारी ली तो पता चला कि दो दिन से अभिषेक दफ्तर नहीं गया था। अभिषेक के दफ्तर न आने से स्टाफ के लोग 22 अक्तूबर को उसके कमरे पर पहुंचे। बेल बजाने पर कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो पुलिस को बुला कर डुप्लिकेट चाबी से कमरा खोला गया। यहां अभिषेक की लाश फर्श पर पड़ी थी।
मासूम के सिर से उठा पिता का साया
गजरौला। अभिषेक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां सुनीता देवी का रो-रोकर बुराहाल है। दो साल की बेटी आराध्या है, पत्नी रेनुका भी खुद को संभाल नहीं पा रही है, फिर भी पति का शव जल्दी ही इंडिया लाने के लिए उसे दिल्ली जाना पड़ा।
सैन समाज ने व्यक्त की शोक संवेदना
गजरौला। भारतीय सैन समाज ने अभिषेक की मौत पर शोक संवेदना जाहिर की है। अभिषेक के पिता जयप्रकाश, सैन समाज के प्रदेश महासचिव पद पर हैं। प्रदेश सचिव मनमोहन सिंह सैन के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गांव पहुंच कर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।