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चीनी मिलों का किसानों के साथ एक और धोखा
Amroha
Updated Sat, 29 Nov 2014 05:31 AM IST
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अमरोहा। लगता है चीनी मिलें सरकार से भी एक कदम आगे बढ़ गई हैं। प्रदेश सरकार ने तो दो किश्तों में भुगतान करने की सहूलियत दी है, लेकिन चीनी मिल तीन किश्तों में गन्ना भुगतान करने का मन बना रही हैं। मिलों की यह मंशा पर्चियों से उजागर हो रही है। जिस पर दूसरी किश्त के पेमेंट को दो पार्ट में दर्शाया जा रहा है।
मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों गन्ना समर्थन मूल्य निर्धारित किया था। जिसमें कोई बढ़ोत्तरी न करते हुए गन्ने का रेट 280 रुपये ही तय किया गया। जबकि एक नई नजीर पेश करते हुए पार्ट-टू-पेमेंट में मिलों को सहूलियत देने की नीयत से दो किश्तों में भुगतान का फैसला कर दिया। जिसमें पहले किश्त में 240 और दूसरे किश्त के 40 रुपये के भुगतान को तीन माह का वक्त दे दिया। इतने पर ही किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ी हुई थी कि अब मिलों ने सरकार से एक कदम आगे बढ़ते हुए अन्नदाताओं की चिंता और बढ़ा दी है। दरअसल, त्रिवेणी चीनी मिल चंदनपुर द्वारा तौल के बाद किसान को जो पर्ची दी गई है, उस पर भुगतान दो किश्तों में दर्शाया गया है। पहली किश्त में 241.25 रुपये और दूसरी किश्त के 40 रुपये के भुगतान को दो पार्ट में दर्शाया गया है।
चीनी मिल द्वारा दी गई पर्ची में तीन किश्तों में भुगतान की प्रक्रिया दर्शाई गई है। इससे लगता कि मिलें तभी भुगतान तीन किश्त में करने का मन बना रही है। ऐसा होने पर किसान मरणासन्न हो जाएगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन की ओर से आंदोलन कर इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
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-चौधरी दिवाकर सिंह, प्रांतीय महासचिव, भाकियू(भानु)
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। पर्ची मंगाकर देखी जाएगी। अगर सरकार के आदेश के अनुसार भुगतान प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, तो कार्रवाई की जाएगी।
-मैनेजर चौरसिया, जिला गन्ना अधिकारी
किसानों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं हैं। पेमेंट टू पार्ट में ही होगा। सेकेंड पार्ट में जो दर्शाया गया है। इसे किसान गलत न समझें। उनके साथ कोई धोखा नहीं होगा।
-दिनेश कुमार, जीएम केन त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर
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मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों गन्ना समर्थन मूल्य निर्धारित किया था। जिसमें कोई बढ़ोत्तरी न करते हुए गन्ने का रेट 280 रुपये ही तय किया गया। जबकि एक नई नजीर पेश करते हुए पार्ट-टू-पेमेंट में मिलों को सहूलियत देने की नीयत से दो किश्तों में भुगतान का फैसला कर दिया। जिसमें पहले किश्त में 240 और दूसरे किश्त के 40 रुपये के भुगतान को तीन माह का वक्त दे दिया। इतने पर ही किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ी हुई थी कि अब मिलों ने सरकार से एक कदम आगे बढ़ते हुए अन्नदाताओं की चिंता और बढ़ा दी है। दरअसल, त्रिवेणी चीनी मिल चंदनपुर द्वारा तौल के बाद किसान को जो पर्ची दी गई है, उस पर भुगतान दो किश्तों में दर्शाया गया है। पहली किश्त में 241.25 रुपये और दूसरी किश्त के 40 रुपये के भुगतान को दो पार्ट में दर्शाया गया है।
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चीनी मिल द्वारा दी गई पर्ची में तीन किश्तों में भुगतान की प्रक्रिया दर्शाई गई है। इससे लगता कि मिलें तभी भुगतान तीन किश्त में करने का मन बना रही है। ऐसा होने पर किसान मरणासन्न हो जाएगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन की ओर से आंदोलन कर इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
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-चौधरी दिवाकर सिंह, प्रांतीय महासचिव, भाकियू(भानु)
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। पर्ची मंगाकर देखी जाएगी। अगर सरकार के आदेश के अनुसार भुगतान प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, तो कार्रवाई की जाएगी।
-मैनेजर चौरसिया, जिला गन्ना अधिकारी
किसानों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं हैं। पेमेंट टू पार्ट में ही होगा। सेकेंड पार्ट में जो दर्शाया गया है। इसे किसान गलत न समझें। उनके साथ कोई धोखा नहीं होगा।
-दिनेश कुमार, जीएम केन त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर