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बुखार से जिलेभर में चार लोगों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 24 Sep 2015 12:07 AM IST
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जानलेवा बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटे में जोया, नौगावां सादात, हसनपुर और सैदनगली में इसका कहर टूटा। इसके बालक समेत चार लोगों की मौत हो गई। इससे एक दिन पहले ही बुखार से छह लोगों ने जान गंवा दी थी।
जोया क्षेत्र के गांव फत्तेपुर निवासी जाबिर की बेटी महसीब (21) अब्दुल रज्जाक डिग्री कालेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। तीन दिन से उसे बुखार आ रहा था। स्थानीय डाक्टर के इलाज का फायदा नहीं हुआ तो परिजन बुधवार सुबह उसे लेकर मुरादाबाद जा रहे थे, लेकिन मुरादाबाद पहुंचने से पहले ही महसीब ने दम तोड़ दिया।
इधर, नौगावां सादात कस्बे के मोहल्ला नईबस्ती निवासी नसीम अहमद का 12 वर्षीय बेटा जावेद चार दिन से बुखार की गिरफ्त में था। गरीबी के कारण परिजन झोलाछाप से उसका उपचार करा रहे थे। बुधवार दोपहर जावेद ने भी दम तोड़ दिया। वहीं सैदनगली के गांव खरसौली मिलक निवासी रामकली पत्नी राजेंद्र सैनी को सात दिन से बुखार आ रहा था।
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परिजन पास के ही निजी चिकित्सकों से उसका उपचार करा रहे थे, लेकिन दिन प्रतिदिन तबीयत बिगड़ती चली गई। मंगलवार रात को रामकली को हसनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर शाम महिला ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया।
हसनपुर के मोहल्ला कंकरवाला कुआं निवासी इरशाद की पचास वर्षीय पत्नी कौशर को चार दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार चल रहा था, लेकिन तबीयत खराब होती गई। बुधवार को कौशर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सीएचसी में लगी लाइन
हसनपुर (ब्यूरो)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या हर रोज इजाफा हो रहा है। सबसे आधिक वायरल फीवर से पीड़ित अस्पताल पहुंच रहे है। मरीजों की संख्या अधिक होने से अस्पताल के बाहर भी भीड़ लगी रहती है। बुधवार को भीड़ की वजह से अस्पताल के बाहर की विंडो से पर्ची काटी गई। चिकित्सा अधीक्षक डा.गोपीलाल ने बताया कि आज कल बुखार से पीड़ित लगभग पांच सौ से अधिक मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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जोया क्षेत्र के गांव फत्तेपुर निवासी जाबिर की बेटी महसीब (21) अब्दुल रज्जाक डिग्री कालेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। तीन दिन से उसे बुखार आ रहा था। स्थानीय डाक्टर के इलाज का फायदा नहीं हुआ तो परिजन बुधवार सुबह उसे लेकर मुरादाबाद जा रहे थे, लेकिन मुरादाबाद पहुंचने से पहले ही महसीब ने दम तोड़ दिया।
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इधर, नौगावां सादात कस्बे के मोहल्ला नईबस्ती निवासी नसीम अहमद का 12 वर्षीय बेटा जावेद चार दिन से बुखार की गिरफ्त में था। गरीबी के कारण परिजन झोलाछाप से उसका उपचार करा रहे थे। बुधवार दोपहर जावेद ने भी दम तोड़ दिया। वहीं सैदनगली के गांव खरसौली मिलक निवासी रामकली पत्नी राजेंद्र सैनी को सात दिन से बुखार आ रहा था।
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परिजन पास के ही निजी चिकित्सकों से उसका उपचार करा रहे थे, लेकिन दिन प्रतिदिन तबीयत बिगड़ती चली गई। मंगलवार रात को रामकली को हसनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर शाम महिला ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया।
हसनपुर के मोहल्ला कंकरवाला कुआं निवासी इरशाद की पचास वर्षीय पत्नी कौशर को चार दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार चल रहा था, लेकिन तबीयत खराब होती गई। बुधवार को कौशर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सीएचसी में लगी लाइन
हसनपुर (ब्यूरो)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या हर रोज इजाफा हो रहा है। सबसे आधिक वायरल फीवर से पीड़ित अस्पताल पहुंच रहे है। मरीजों की संख्या अधिक होने से अस्पताल के बाहर भी भीड़ लगी रहती है। बुधवार को भीड़ की वजह से अस्पताल के बाहर की विंडो से पर्ची काटी गई। चिकित्सा अधीक्षक डा.गोपीलाल ने बताया कि आज कल बुखार से पीड़ित लगभग पांच सौ से अधिक मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं।