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जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, लचीलेपन की दिशा में करें काम : डॉ. शर्मा

Thu, 04 May 2023 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Thu, 04 May 2023 11:06 PM IST
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Work towards climate change adaptation, resilience
गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी-कटारमल में हुई बैठक में मौजूद कुलपति औ
अल्मोड़ा। गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा में दो दिवसीय वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 31वीं समीक्षा बैठक बृहस्पतिवार को शुरू हो गई है। वैज्ञानिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. एकलव्य शर्मा ने पृथ्वी के बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताई। कहा कि जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, लचीलेपन की दिशा में कार्य करने की जरूरत है।
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डॉ. शर्मा ने संस्थान की ओर से कॉन्सॉर्टियम आधारित परियोजना द्वारा हिमालयी क्षेत्रों में कार्य करने की पहल को एक अच्छा कदम बताया। कहा कि संस्थान के पास हिमालयी क्षेत्र के विकास के लिए एक विस्तृत दृष्टिकोण है जो हिमालय क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने संस्थान को सतत, प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
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वाडिया इंस्टीट्यूट देहरादून के निदेशक डॉ. कलाचंद सेन ने क्लाइमेट इनड्यूस्ड जियो-हैजार्ड्स इन द हिमालया एंड प्लौसिबल मिटीगेशन विषय पर व्याखान दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से हिमनद और हिमनद झीलें प्रभावित होती हैं। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रतिरोधी कम्युनिटी बनाने पर बल दिया। कहा कि होने वाली आपदा की पूरी प्रक्रिया को समझने की आवश्यकता है जिससे कि प्रारंभिक अलार्म सिस्टम विकसित किया जा सके ताकि जान माल का ज्यादा नुकसान न हो।
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उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय समुदाय को आपदाओं के लिए संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील नौटियाल ने भी विचार रखे।

इनसेट
पहले दिन का नाम नॉलेज शेयरिंग डे रहा
बैठक के पहले दिन को नॉलेज शेयरिंग डे का नाम दिया गया। इसमें संस्थान के युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों ने हिमालयी क्षेत्र में संस्थान के मुख्यालय अल्मोड़ा और इसके क्षेत्रीय केंद्रों द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों, क्षेत्रीय मुद्दों, उपलब्धियों, भविष्य की चुनौतियों के लिए रणनीति आदि गंभीर विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिया। इस दौरान संस्थान द्वारा चलाई जा रही विभिन्न परियोजनाओं का इन्सेप्सन सेमिनार भी हुआ।


बैठक में ये रहे मौजूद
असम विवि, सिलचर के कुलपति डॉ. राजीव मोहन पंत, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रूड़की के प्रोफेसर डॉ. अरून कुमार सराफ, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेस्ट मैनेजमैंट भोपाल के डॉ. संदीप तांबे, संस्थान के केंद्र प्रमुख किरीट कुमार, डॉ. जेसी कुनियाल, डॉ. जीसीएस नेगी, डॉ. आईडी भट्ट आदि थे।
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