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दूर दराज के स्रोतों से पानी ढोना बन गई है महिलाओं की दिनचर्या
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शिलंगी में सिर पर पानी ढोकर लाती महिला। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में पानी का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। फल्दाकोट पट्टी से जुड़े गांवों में लोगों को सात से आठ दिन में पानी मिलने की सूचना है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूर दराज के स्रोतों से बमुश्किल पानी की आपूर्ति की जा रही है। इन गांवों में ताड़ीखेत-गगास और चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना के माध्यम से आपूर्ति की जाती है।
पिलखोली, जैनोली, शिलंगी, ताड़ीखेत के सिमोली, पथुली, गैरड़, थकुलाड़ी सहित तमाम गांवों में पानी की आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। सिमोली के ग्रामीणों ने पूर्व में यहां जल संस्थान कार्यालय का घेराव तक किया था, उनका कहना है कि 10 से 15 दिनों में पानी आ रहा है, वह भी पर्याप्त नहीं मिलता। मजखाली क्षेत्र में भी कमोबेश यही दिक्कत है। यहां भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। पिलखोली, शिलंगी सहित तमाम स्थानों पर महिलाएं दूर दराज के स्रोतों से पानी ढो रही हैं। बीडीसी सदस्य त्रिभुवन फर्त्याल ने बताया कि आठ से 10 दिन में पानी आता है, वह भी पर्याप्त नहीं है। आरोप लगाया कि जल संस्थान पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर रहा जबकि इस संबंध में पूर्व में कई बार अधिकारियों से मुलाकात की गई।
ताड़ीखेत-गगास एक ही योजना से पानी वितरित हो रहा है। 80 प्रतिशत पानी सेना को देना ही देना है। 20 प्रतिशत से चिलियानौला पालिका और 39 गांव हैं। बारी बारी से पानी वितरित किया जा रहा है। चिलियानौला तिपौला योजना हस्तांरित हो जाती तो कुछ राहत मिल जाती।
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- सुरेश ठाकुर, ईई जल संस्थान
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पिलखोली, जैनोली, शिलंगी, ताड़ीखेत के सिमोली, पथुली, गैरड़, थकुलाड़ी सहित तमाम गांवों में पानी की आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। सिमोली के ग्रामीणों ने पूर्व में यहां जल संस्थान कार्यालय का घेराव तक किया था, उनका कहना है कि 10 से 15 दिनों में पानी आ रहा है, वह भी पर्याप्त नहीं मिलता। मजखाली क्षेत्र में भी कमोबेश यही दिक्कत है। यहां भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। पिलखोली, शिलंगी सहित तमाम स्थानों पर महिलाएं दूर दराज के स्रोतों से पानी ढो रही हैं। बीडीसी सदस्य त्रिभुवन फर्त्याल ने बताया कि आठ से 10 दिन में पानी आता है, वह भी पर्याप्त नहीं है। आरोप लगाया कि जल संस्थान पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर रहा जबकि इस संबंध में पूर्व में कई बार अधिकारियों से मुलाकात की गई।
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ताड़ीखेत-गगास एक ही योजना से पानी वितरित हो रहा है। 80 प्रतिशत पानी सेना को देना ही देना है। 20 प्रतिशत से चिलियानौला पालिका और 39 गांव हैं। बारी बारी से पानी वितरित किया जा रहा है। चिलियानौला तिपौला योजना हस्तांरित हो जाती तो कुछ राहत मिल जाती।
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- सुरेश ठाकुर, ईई जल संस्थान