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Almora News: बिजली-पानी नहीं तो वोट नहीं, ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
Wed, 07 Oct 2026 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:56 PM IST
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अल्मोड़ा। भिकियासैंण विकासखंड के ग्राम सनणें में पानी और बिजली की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को पत्र भेजकर डूनधारा पेयजल योजना स्वीकृत करने और जालली विद्युत केंद्र से डूनधारा के रास्ते गांव को बिजली आपूर्ति कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022-23 में हर घर नल योजना के तहत नल लगाए गए थे लेकिन तीन साल बाद भी पानी नहीं आया। वहीं बिजली आपूर्ति भी आए दिन बाधित रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि जालली केंद्र गांव से करीब पांच किमी दूर है और वहां से आपूर्ति होने पर समस्या का जल्द समाधान हो सकता है। उनका आरोप है कि वर्षों से शिकायतों और पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पलायन बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए, उन्होंने कहा मांगें पूरी नहीं हुईं तो चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
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नल लगे लेकिन पानी का इंतजार खत्म नहीं हुआ
सनणें गांव में हर घर नल योजना के तहत करीब तीन वर्ष पहले नल लगाए जाने के बावजूद ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का लाभ धरातल पर नहीं मिलने से सरकारी योजना की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब ग्रामीण डूनधारा के प्राकृतिक जलस्रोत को पेयजल योजना से जोड़कर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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क्या बोले ग्रामीण
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वर्षों से गांव पानी और बिजली की समस्या से जूझ रहा है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब ग्रामीणों के पास चुनाव बहिष्कार के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। -नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष, युवा शक्ति समिति, ग्राम सनणें
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हर घर नल योजना के तहत नल तो लगा दिए गए लेकिन उनमें आज तक पानी नहीं आया। डूनधारा स्रोत से पेयजल योजना शुरू होने पर गांव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। -हेम चंद्र पंत, ग्रामीण
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बिजली आपूर्ति में लगातार परेशानी बनी रहती है। जालली विद्युत केंद्र से आपूर्ति शुरू होने पर गांव की विद्युत समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। -दीप चंद्र ध्यानी, ग्रामीण
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गांव के लोग लंबे समय से विभागों के चक्कर काट रहे हैं। आश्वासन तो मिलते हैं लेकिन धरातल पर काम नहीं होता। अब ग्रामीण आर-पार की स्थिति में हैं। -पंकज पंत, ग्रामीण
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पानी और बिजली के अभाव में गांव के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और पलायन बढ़ रहा है। सरकार को ग्रामीणों की दोनों मांगों पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। - दिगम्बर सिंह रावत, ग्रामीण।
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कोट -
ग्राम सनणें में विद्युत आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों की ओर से रखी गई मांग का संज्ञान लिया गया है। जालली विद्युत केंद्र से डूनधारा के रास्ते गांव तक विद्युत आपूर्ति की संभावना को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। -तसनीम अनवर, एसडीओ, भिकियासैंण
कोट
जलजीवन मिशन के तहत पेयजल योजना का कार्य जल निगम को सौंपा गया है। बजट नहीं मिलने से कार्य पूरा नहीं हो पाया है। -सुरेश ठाकुर, ईई, जल संस्थान, रानीखेत
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ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022-23 में हर घर नल योजना के तहत नल लगाए गए थे लेकिन तीन साल बाद भी पानी नहीं आया। वहीं बिजली आपूर्ति भी आए दिन बाधित रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि जालली केंद्र गांव से करीब पांच किमी दूर है और वहां से आपूर्ति होने पर समस्या का जल्द समाधान हो सकता है। उनका आरोप है कि वर्षों से शिकायतों और पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पलायन बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए, उन्होंने कहा मांगें पूरी नहीं हुईं तो चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
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नल लगे लेकिन पानी का इंतजार खत्म नहीं हुआ
सनणें गांव में हर घर नल योजना के तहत करीब तीन वर्ष पहले नल लगाए जाने के बावजूद ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का लाभ धरातल पर नहीं मिलने से सरकारी योजना की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब ग्रामीण डूनधारा के प्राकृतिक जलस्रोत को पेयजल योजना से जोड़कर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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क्या बोले ग्रामीण
वर्षों से गांव पानी और बिजली की समस्या से जूझ रहा है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब ग्रामीणों के पास चुनाव बहिष्कार के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। -नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष, युवा शक्ति समिति, ग्राम सनणें
हर घर नल योजना के तहत नल तो लगा दिए गए लेकिन उनमें आज तक पानी नहीं आया। डूनधारा स्रोत से पेयजल योजना शुरू होने पर गांव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। -हेम चंद्र पंत, ग्रामीण
बिजली आपूर्ति में लगातार परेशानी बनी रहती है। जालली विद्युत केंद्र से आपूर्ति शुरू होने पर गांव की विद्युत समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। -दीप चंद्र ध्यानी, ग्रामीण
गांव के लोग लंबे समय से विभागों के चक्कर काट रहे हैं। आश्वासन तो मिलते हैं लेकिन धरातल पर काम नहीं होता। अब ग्रामीण आर-पार की स्थिति में हैं। -पंकज पंत, ग्रामीण
पानी और बिजली के अभाव में गांव के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और पलायन बढ़ रहा है। सरकार को ग्रामीणों की दोनों मांगों पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। - दिगम्बर सिंह रावत, ग्रामीण।
कोट -
ग्राम सनणें में विद्युत आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों की ओर से रखी गई मांग का संज्ञान लिया गया है। जालली विद्युत केंद्र से डूनधारा के रास्ते गांव तक विद्युत आपूर्ति की संभावना को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। -तसनीम अनवर, एसडीओ, भिकियासैंण
कोट
जलजीवन मिशन के तहत पेयजल योजना का कार्य जल निगम को सौंपा गया है। बजट नहीं मिलने से कार्य पूरा नहीं हो पाया है। -सुरेश ठाकुर, ईई, जल संस्थान, रानीखेत