{"_id":"f74894e929a08f9510b1231f9723cdae","slug":"vidhansabha-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा घेराव के लिए कसी कमर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधानसभा घेराव के लिए कसी कमर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:04 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड क्रांतिदल ने दो नवंबर से गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र को देखते हुए स्थायी राजधानी की मांग को लेकर विधानसभा घेराव के लिए कमर कस ली है। इसकी तैयारियों को लेकर हुई बैठक में दल के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने घेराव की रणनीति को अंतिम रूप देते हुए निर्धारित तिथि को अधिक से अधिक लोगों से गैरसैंण पहुंचने का आग्रह किया है।
उत्तराखंड क्रांति दल राज्य की स्थायी राजधानी अविलंब गैरसैंण को घोषित करने की मांग को लेकर विधानसभा घेराव के अपने फैसले पर अडिग है। दल ने दो नवंबर से गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र में विधानसभा घेराव के साथ ही आर-पार की लड़ाई के लिए कमर कस ली है। इसको लेकर हुई बैठक में दल के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड की आम जनता और शहीदों की भावनाओं के अनुरूप राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण में बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दल राज्य निर्माण की तरह ही स्थायी राजधानी के लिए भी बड़े संघर्ष के लिए तैयार है।
बैठक में ब्लाक अध्यक्ष आनंद किरौला, धीरज तिवारी, बसंत उपाध्याय, नरेंद्र मेहरा, सूरज कुमयां, अमर सिंह, कुंदन राम, नारायण दत्त तिवारी, श्याम सिंह, मनोहर संगेला, संजय शाह, भुवन जोशी व आनंद नाथ सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
उत्तराखंड क्रांति दल राज्य की स्थायी राजधानी अविलंब गैरसैंण को घोषित करने की मांग को लेकर विधानसभा घेराव के अपने फैसले पर अडिग है। दल ने दो नवंबर से गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र में विधानसभा घेराव के साथ ही आर-पार की लड़ाई के लिए कमर कस ली है। इसको लेकर हुई बैठक में दल के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड की आम जनता और शहीदों की भावनाओं के अनुरूप राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण में बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दल राज्य निर्माण की तरह ही स्थायी राजधानी के लिए भी बड़े संघर्ष के लिए तैयार है।
विज्ञापन
बैठक में ब्लाक अध्यक्ष आनंद किरौला, धीरज तिवारी, बसंत उपाध्याय, नरेंद्र मेहरा, सूरज कुमयां, अमर सिंह, कुंदन राम, नारायण दत्त तिवारी, श्याम सिंह, मनोहर संगेला, संजय शाह, भुवन जोशी व आनंद नाथ सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
विज्ञापन