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ये बच्चे हैं सचमुच गुदड़ी के लाल
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 26 May 2016 12:14 AM IST
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अल्मोड़ा। मुनस्यारी के रिंगू चिलकोट गांव निवासी किसान के बेटे विवेकानंद इंटर कालेज अल्मोड़ा के दसवीं के छात्र नरेंद्र सिंह जोशाल ने स्वयं के बल पर राज्य मेरिट सूची में सत्रहवां स्थान प्राप्त किया है। उन्हें 467 अंक मिले हैं और अंकों का प्रतिशत 93.40 फीसदी है। जहां अभिभावकों को बच्चों की निगरानी करनी पड़ती है वहीं नरेंद्र ने अकेले अल्मोड़ा में किराए के कमरे में रहते हुए यह मुकाम हासिल किया है।
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नरेंद्र पिथौरागढ़ जिले के दूरस्थ गांव रिंगू चिलकोट मुनस्यारी के निवासी हैं। उनके पिता खुशाल सिंह जोशाल गांव में ही खेती करते हैं। माता द्रोपदी देवी गृहिणी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के समीप के विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने जूनियर की पढ़ाई मुनस्यारी में अपने ममेरे भाई राजेंद्र सिंह रिंगवाल के साथ की। राजेंद्र पढ़ाई करने के लिए अल्मोड़ा आए, तो नरेंद्र भी उनके साथ ही दो साल पहले अल्मोड़ा आ गए।
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दोनों भाई यहां आफिसर्स कालोनी के समीप किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई करने लगे। ममेरे भाई राजेंद्र का पिछले साल बीटेक में चयन हो गया और वह बीटेक करने चले गए। पिछले एक साल से नरेंद्र यहां किराए के कमरे में अकेले रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। वह खाना स्वयं बनाने के साथ ही अपने सारे काम निपटाते हैं। कुछ समय उन्होंने मात्र गणित का ट्यूशन लिया। उनका प्रिय विषय भी गणित ही है।
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गणित में उन्हें 98, संस्कृत में 97, हिंदी में 91, सामाजिक विज्ञान में 85, विज्ञान में 96 अंक मिले हैं। वह प्रतिदिन घर पर चार घंटे पढ़ाई करते हैं। किसान के बेटे नरेंद्र का लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। उनकी छोटी बहन चित्रा और विनीता गांव में ही पढ़ती हैं।
अल्मोड़ा। तमाम अभावों के बावजूद विवेकानंद इंटरा कालेज के छात्र प्रभाकर मिश्रा ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में राज्य की मेरिट सूची में बारहवां स्थान हासिल किया है। प्रभाकर को गणित में शत प्रतिशत अंक मिले हैं। उन्होंने कुल 477 अंक प्राप्त किए हैं और अंकों का प्रतिशत 95.40 है। वह भविष्य में प्रोफेसर बनना चाहते हैं।
प्रभाकर के पिता सुरेश चंद्र मिश्रा विवेकानंद इंटर कालेज में शिक्षक थे। माता कमला मिश्रा गृहिणी हैं। सुरेश चंद्र मिश्रा कक्षा छह से दसवीं तक के छात्रों को संस्कृत पढ़ाते थे। बीमारी के चलते वर्ष 2013 में सुरेश चंद्र मिश्रा का निधन हो गया। तब प्रभाकर कक्षा आठ में पढ़ते थे। ऐसे में परिवार के सम्मुख आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका परिवार जाखनदेवी में किराए के मकान में रहता है।
इसके बाद प्रभाकर की बड़ी बहन नेहा मिश्रा पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई। पिता की मृत्यु के बाद से वह विवेकानंद इंटर कालेज में ही कार्यरत हैं। अभावों के बावजूद प्रभाकर ने इस बार हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 95.40 फीसदी अंक पाए हैं। वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके बड़े भाई भाष्कर मिश्रा ने भी इंटर परीक्षा पास कर ली है। प्रभाकर का प्रिय विषय गणित है। पढ़ाई के अलावा उन्हें खेलना पसंद है।
अल्मोड़ा। एडम्स गर्ल्स इंटर कालेज की छात्रा विशाखा विश्वकर्मा ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा की मेरिट में 24वां स्थान प्राप्त किया है। उन्हें 500 में से 460 अंक मिले हैं। विशाखा का लक्ष्य इंटर बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर इंजीनियगिं के क्षेत्र में जाने का है।
विशाखा के पिता मजदूरी करके परिवार चलाते हैं और काफी अभावों के बावजूद उसने राज्य स्तर की मेरिट में स्थान बनाया है। विशाखा विश्वकर्मा को हिंदी में 96, अंग्रेजी में 94, गणित में 89, सामाजिक विषय में 98, विज्ञान में 93 अंक मिले हैं। उन्होंने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर हाईस्कूल की मेरिट सूची में 24वां स्थान प्राप्त किया है।
विशाखा ने गणित विषय में ट्यूशन पढ़ा था। इसके अलावा घर में प्रतिदिन पांच घंटे नियमित पढ़ाई की। विशाखा ने बताया कि उनका लक्ष्य इंटर में अच्छे अंक लाकर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाने का है। उनका परिवार यहां राजपुर मोहल्ले में रहता है।
तीन भाई बहनों में विशाखा दूसरे नंबर की है। बड़ी बहन साक्षी विश्वकर्मा ने इसी साल इंटर बोर्ड परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। विशाखा के पिता मजदूरी करके परिवार चलाते हैं और काफी अभावों के बावजूद उसने मेहनत करके यह मुकाम हासिल किया। विशाखा ने अपनी सफलता का श्रेय माता, पिता तथा शिक्षिकाओं को दिया है।