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कर्मचारियों की सरकार के खिलाफ नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
Updated Wed, 13 Dec 2017 10:34 PM IST
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अल्मोड़ा में टेलीफोन एक्सचेंज में प्रदर्शन करते बीएसएनएल कर्मचारी।
- फोटो : amar ujala
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वेतन विसंगति दूर करने करने समेत अन्य मांगों को लेकर बीएसएनएल अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त फोरम के आह्वान पर बीएसएनएल कर्मचारी बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने टेलीफोन एक्सचेंज के समक्ष प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
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इस अवसर पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि बीएसएनएल के आपरेटर सबसे पहले उन स्थानों में सेवा देते हैं जहां पर कोई भी आपरेटर नहीं पहुंच पाते हैं। जब कभी कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो बीएसएनएल ही सबसे पहले उन स्थानों पर सेवा देता है। इसके बावजूद सरकार बीएसएनएल के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने के बजाए उनकी उपेक्षा कर रही है। उन्होंने लंबे समय के बाद भी वेतन विसंगति दूर नहीं होने पर नाराजगी जताई।
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उन्होंने कहा कि सरकार टावरों के निर्माण के लिए अलग से कंपनी बनाकर निजी हाथों को देने की तैयारी कर रही है जिसे किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। प्रदर्शन करने वालों में जीएस कार्की, एसएस अधिकारी, मोहन गुसाई, कुलदीप गुसाई, डीएस गब्र्याल, संदीप सूठा, चंद्रा उप्रेती, माधव सिंह, विरेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
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