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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के गृह क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 12:30 AM IST
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Health facilities in the home area of ??cabinet minister Rekha Arya are in bad shape
सोमेश्वर में बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन। (संवाद) - फोटो : ALMORA
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या के गृह क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन करीब पौने पांच करोड़ की लागत से भवन 11 साल पहले बनकर तैयार हो गया था पर इसे अब तक सीएचसी में उच्चीकरण नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में सामान्य सी बीमारी के उपचार के लिए लोग अल्मोड़ा और रानीखेत जाने के लिए मजबूर हैं।
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सोमेश्वर घाटी क्षेत्र के गांवों में करीब 50 पचास हजार से अधिक आबादी निवास करती है। क्षेत्र के लोग अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने आते हैं पर यहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से उन्हें बेहतर उपचार नहीं मिल पाता है। क्षेत्रीय लोग लंबे समय से अस्पताल के सीएचसी में उच्चीकरण की मांग कर रहे हैं। 31 अक्तूबर 2004 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने करीब पौने पांच करोड़ की लागत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर के भवन का शिलान्यास किया था। साढ़े पांच साल में यह भवन बनकर तैयार हुआ और तीन मई 2010 को भाजपा सरकार के तत्कालीन मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल ने भवन का लोकार्पण किया, लेकिन भवन बनने के बाद भी एपीएचसी का सीएचसी में उच्चीकरण नहीं हो सका है। संवाद
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पैथोलॉजी, एक्स-रे की सुविधा तक नहीं
अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर में पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड जैसी मामूली सुविधाएं तक नहीं हैं। रक्त परीक्षण, एक्स-रे कराने समेत सामान्य बीमारियों भी लोगों को उपचार के लिए 40 किमी दूर अल्मोड़ा और 52 किमी दूर रानीखेत जाना पड़ता है। गर्भवती को अधिक परेशानी होती है। वर्तमान में अस्पताल में एक महिला डाक्टर और एक आयुर्वेदिक डाक्टर ही तैनात है।
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अस्पताल का उच्चीकरण होना अति आवश्यक है। लोगों को जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। जनता को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए और विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात हों।
रणजीत सिंह नयाल, अध्यक्ष, प्रधान संगठन सोमेश्वर।
प्रदेश में अब तक सत्तारूढ़ रहीं सरकारें और स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता को छलते आ रहे हैं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि चुनाव के समय आते हैं और जनता को गुमराह कर जाते हैं। अब तक अस्पताल का उच्चीकरण नहीं करने से लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरेश बोरा, प्रधान ग्राम पंचायत अर्जुनराठ।
क्षेत्र का दुर्भाग्य है कि अस्पताल का उच्चीकरण नहीं हुआ है। इसके चलते लोगों को सामान्य बीमारी में भी काफी दिक्कतें होती हैं। उच्चीकरण के बाद अस्पताल में डाक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। ताकि जनता स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिल सके।
भुवन भारती, हट्यूड़ा गांव।
यह घाटी क्षेत्र का एकमात्र अस्पताल है। उपचार के अभाव में गरीब लोगों को सबसे अधिक दिक्कतें होती हैं। मरीजों को 40 से 60 किमी दूर जाना पड़ता है। गरीबों पर आर्थिक बोझ पड़ता है और समय भी बरबाद होता है।
चंद्रशेखर भट्ट, रौतेलागांव।
सोमेश्वर अस्पताल के उच्चीकरण का प्रस्ताव कई बार शासन को भेजा जा चुका है। यह मामला शासन स्तर पर लंबित है और शासन स्तर से अस्पताल के उच्चीकरण की कार्रवाई होनी है।

डॉ. सविता ह्यांकी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा।
विधायक बनने के बाद 2014 से अस्पताल के उच्चीकरण के लिए प्रयासरत हूं। तब कांग्रेस की सरकार के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष यह मामला रखा गया, लेकिन उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। इस पर मैंने स्वयं नाराजगी जताई। पुन: 2017 में विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री की घोषणा में अस्पताल के सीएचसी में उच्चीकरण को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के उच्चीकरण का आश्वासन दिया है। जल्द ही अस्पताल का उच्चीकरण हो जाएगा।
-रेखा आर्या, विधायक सोमेश्वर और बाल विकास मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
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