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Almora News: अटूट आस्था का पर्व... जयकारों के साथ मां नंदा देवी मेला शुरू
Thu, 17 Sep 2026 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:12 AM IST
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दीप मालाओं से सजा अल्मोड़ा का ऐतिहासिक मां नंदा देवी मंदिर। संवाद
अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में बुधवार को पंचमी के अवसर पर कुमाऊं के प्रसिद्ध ऐतिहासिक मां नंदा देवी मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मेले का आगाज हुआ। सुबह से ही नंदा देवी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ जुटने लगी। देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा शहर भक्तिमय और उल्लासपूर्ण माहौल में डूबा रहा।
नंदा देवी मेला परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने प्रदेशवासियों और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं को नंदा देवी मेले की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मां नंदा देवी कुमाऊं समेत पूरे उत्तराखंड की आराध्य और कुलदेवी हैं। उन्हें हिमालय की बेटी के रूप में पूजा जाता है। मां नंदा के प्रति लोगों की अटूट आस्था है, जिसके चलते दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शोभायात्रा के दौरान पूरा नगर मां नंदा के जयकारों से गूंज उठता है।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में लंबे समय से आयोजित हो रहा नंदा देवी महोत्सव क्षेत्र के सांस्कृतिक वैभव और गौरव का प्रतीक है। विशिष्ट अतिथि स्थानीय विधायक मनोज तिवारी ने भी सभी को नंदा देवी महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों की भी मां नंदा के प्रति गहरी आस्था है। नंदा देवी मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रमुख केंद्र है।
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इस दौरान चंद्र वंशज नरेंद्र चंद्र राज सिंह ने भी मां नंदा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। उद्घाटन के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। डी शेडो समूह की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने झोड़ा, छपेली समेत विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां देकर कुमाऊं की लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
ये भी हुए शामिल
इस मौके पर मेयर अजय वर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, शोभा जोशी, दायत्विधारी कुंदन लटवाल, गोविंद पिलख्वाल, गंगा बिष्ट, एडीएम संजय कुमार, मंदिर समिति अध्यक्ष मनोज वर्मा, सचिव मनोज सनवाल, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट, मेला संयोजक ताराचंद्र जोशी, अनूप साह, हरीश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
आज कदली वृक्षों को दिया जाएगा निमंत्रण
बृहस्पतिवार को शाम चार बजे नंदा देवी मंदिर परिसर से मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं का दल जगरियों के साथ लक्ष्मेश्वर स्थित खुटकुड़ी भैरव मंदिर के पास पहुंचेगा। यहां कदली वृक्षों को मेले में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा। शुक्रवार सुबह कदली वृक्षों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के साथ कदली वृक्षों को पूरे बाजार का भ्रमण कराते हुए नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा। पूजा-अर्चना के बाद इन्हीं कदली वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा।
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नंदा देवी मेला परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने प्रदेशवासियों और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं को नंदा देवी मेले की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मां नंदा देवी कुमाऊं समेत पूरे उत्तराखंड की आराध्य और कुलदेवी हैं। उन्हें हिमालय की बेटी के रूप में पूजा जाता है। मां नंदा के प्रति लोगों की अटूट आस्था है, जिसके चलते दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शोभायात्रा के दौरान पूरा नगर मां नंदा के जयकारों से गूंज उठता है।
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उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में लंबे समय से आयोजित हो रहा नंदा देवी महोत्सव क्षेत्र के सांस्कृतिक वैभव और गौरव का प्रतीक है। विशिष्ट अतिथि स्थानीय विधायक मनोज तिवारी ने भी सभी को नंदा देवी महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों की भी मां नंदा के प्रति गहरी आस्था है। नंदा देवी मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रमुख केंद्र है।
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इस दौरान चंद्र वंशज नरेंद्र चंद्र राज सिंह ने भी मां नंदा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। उद्घाटन के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। डी शेडो समूह की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने झोड़ा, छपेली समेत विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां देकर कुमाऊं की लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
ये भी हुए शामिल
इस मौके पर मेयर अजय वर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, शोभा जोशी, दायत्विधारी कुंदन लटवाल, गोविंद पिलख्वाल, गंगा बिष्ट, एडीएम संजय कुमार, मंदिर समिति अध्यक्ष मनोज वर्मा, सचिव मनोज सनवाल, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट, मेला संयोजक ताराचंद्र जोशी, अनूप साह, हरीश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
आज कदली वृक्षों को दिया जाएगा निमंत्रण
बृहस्पतिवार को शाम चार बजे नंदा देवी मंदिर परिसर से मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं का दल जगरियों के साथ लक्ष्मेश्वर स्थित खुटकुड़ी भैरव मंदिर के पास पहुंचेगा। यहां कदली वृक्षों को मेले में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा। शुक्रवार सुबह कदली वृक्षों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के साथ कदली वृक्षों को पूरे बाजार का भ्रमण कराते हुए नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा। पूजा-अर्चना के बाद इन्हीं कदली वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा।