{"_id":"5f8435d28ebc3e5fac5aae23","slug":"educational-documents-should-be-kept-safe-in-block-offices-almora-news-hld4001986150","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लाक कार्यालयों में शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज रखे जाएं सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लाक कार्यालयों में शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज रखे जाएं सुरक्षित
विज्ञापन
अल्मोड़ा। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) को ज्ञापन देकर कहा है कि शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र ब्लॉक कार्यालयों में सुरक्षित रखे जाएं। जिससे कि जांच के नाम पर बार-बार शिक्षकों को प्रमाण पत्र नहीं देने पड़ें।
ज्ञापन में कहा है कि शिक्षकों से जांच के नाम पर बार-बार शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं। जबकि नियुक्ति के समय शिक्षकों के प्रमाण पत्र सेवा पंजिका और व्यक्तिगत पत्रावली में जांच के उपरांत रखे जाते हैं। जिससे बार-बार प्रमाण पत्रों को मांगने की आवश्यकता नहीं रहे। लेकिन ब्लॉक कार्यालयों में दस्तावेजों का सही प्रकार से रखरखाव नहीं होने से यह स्थिति आ रही है। इस बार पत्रावली बनाकर सभी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं, ताकि शिक्षकों को बार बार प्रमाण पत्र जमा करने की जरूरत नहीं पड़े, अन्यथा संगठन इसका विरोध करेगा।
संगठन का कहना है कि बार-बार प्रमाण पत्रों की जांच से विभाग के साथ शिक्षकों की छवि धूमिल हो रही है। इस बार यदि जांच में किसी शिक्षक के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ विभाग कार्रवाई करे और अन्य सभी शिक्षकों के दस्तावेज सही होने का प्रमाण पत्र जारी करे। ब्लॉक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से प्रमाण पत्रों को जमा करने के लिए शिक्षकों को बाध्य नहीं किया जाए।
विज्ञापन
पदाधिकारियों ने डीईओ को बताया कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वेतन निर्धारण में ब्लॉकों ने त्रुटिपूर्ण कटौती कर दी है। शासनदेश जारी होने के बाद भी अभी तक पुन: वेतन निर्धारण नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत फरवरी 2020 का वेतन समय से आहरित नहीं होने के कारण टीडीएस जमा नहीं हो पा रहा है। ताड़ीखेत ब्लॉक के शिक्षकों के लंबित पड़े चयन वेतन प्रकरण शीघ्र निस्तारित हों। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष संजय सिंह बिष्ट, मंत्री युगल मठपाल, कोषाध्यक्ष ख्याली दत्त रिखाड़ी शामिल थे।
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा है कि शिक्षकों से जांच के नाम पर बार-बार शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं। जबकि नियुक्ति के समय शिक्षकों के प्रमाण पत्र सेवा पंजिका और व्यक्तिगत पत्रावली में जांच के उपरांत रखे जाते हैं। जिससे बार-बार प्रमाण पत्रों को मांगने की आवश्यकता नहीं रहे। लेकिन ब्लॉक कार्यालयों में दस्तावेजों का सही प्रकार से रखरखाव नहीं होने से यह स्थिति आ रही है। इस बार पत्रावली बनाकर सभी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं, ताकि शिक्षकों को बार बार प्रमाण पत्र जमा करने की जरूरत नहीं पड़े, अन्यथा संगठन इसका विरोध करेगा।
विज्ञापन
संगठन का कहना है कि बार-बार प्रमाण पत्रों की जांच से विभाग के साथ शिक्षकों की छवि धूमिल हो रही है। इस बार यदि जांच में किसी शिक्षक के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ विभाग कार्रवाई करे और अन्य सभी शिक्षकों के दस्तावेज सही होने का प्रमाण पत्र जारी करे। ब्लॉक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से प्रमाण पत्रों को जमा करने के लिए शिक्षकों को बाध्य नहीं किया जाए।
विज्ञापन
पदाधिकारियों ने डीईओ को बताया कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वेतन निर्धारण में ब्लॉकों ने त्रुटिपूर्ण कटौती कर दी है। शासनदेश जारी होने के बाद भी अभी तक पुन: वेतन निर्धारण नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत फरवरी 2020 का वेतन समय से आहरित नहीं होने के कारण टीडीएस जमा नहीं हो पा रहा है। ताड़ीखेत ब्लॉक के शिक्षकों के लंबित पड़े चयन वेतन प्रकरण शीघ्र निस्तारित हों। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष संजय सिंह बिष्ट, मंत्री युगल मठपाल, कोषाध्यक्ष ख्याली दत्त रिखाड़ी शामिल थे।