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खस्ताहाल सड़कें और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, भतरौंजखान (अल्मोड़ा)।
Updated Thu, 26 May 2016 12:21 AM IST
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भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। खस्ताहाल सड़कें और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदेश के पर्वतीय अंचलों की तकदीर बनकर रह गई हैं। जब मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ही दोनों व्यवस्थाएं बदहाल हों तो अन्य स्थानों की क्या बात करें।
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बदहाल सड़कों के कारण आए दिन इस क्षेत्र में दुर्घटनाएं हो रही हैड्ड, कई लोग अकाल मौत का ग्रास बन चुके हैं, लेकिन सरकारों की तंद्रा फिर भी नहीं टूट रही हैं। नीति निर्धारकों का वही चिर परिचित जवाब कि उत्तराखंड की सड़कें अन्य राज्यों से बेहतर हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के प्रयास चल रहे हैं।
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बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे बस खाई में गिर गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। कुछ देर बाद एसएसबी फ्रंटियर मुख्यालय गनियाद्योली, पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ और कोसी स्थित आईटीबीपी बटालियन के जवान भी पहुंच गए।
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संसाधन जुटाने की बात आई तो पता चला कि नजदीकी भतरौंजखान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में केवल एक डॉक्टर है। स्ट्रेचर एक भी नहीं मिली। पीड़ित खाई में कराह रहे थे। ऐसे में स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन के लोगों ने हिम्मत बांधी। चीड़ के पेड़ों पर रस्सियां बांधकर उतर पड़े खाई में।
खाई में धोती, कमीज जो हाथ लगा उसी को बनाया स्ट्रेचर और रस्सियों के सहारे ही शुरू किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन। कड़े संघर्ष के बाद जैसे-तैसे घायलों को सड़क पर पहुंचाया गया तो 108 एंबुलेंस वाहन तक उपलब्ध नहीं था। लोगों ने निजी वाहनों से ही घायलों को भतरौंजखान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन अव्यवस्था यहां भी कम नहीं मिली।
अस्पताल में मात्र चार बेड थे। अधिकांश घायलों को बरामदे पर ही लेटा दिया गया। कुछ देर बाद कुछ घायल रानीखेत तो कुछ रामनगर संयुक्त अस्पताल रेफर किए गए। लोगों का कहना था कि यदि सभी ने मिल-जुलकर प्रयास नहीं किया होता तो शायद मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता था।
भतरौंजखान। घायलों का हाल जानने पहुंचे सीएम हरीश रावत ने संक्षिप्त वार्ता में कहा कि उत्तराखंड की सड़कें अन्य राज्यों की अपेक्षा बेहतर स्थिति में हैं। जबकि, पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं का सुधारने के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं।
राज्य में डॉक्टरों की कमी चिंता का विषय है, फिर भी हम डॉक्टरों को हर सुविधा दे रहे हैं, व्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार आएगा। सभी कोतवालियों और थानों में प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगामी एक साल में यह व्यवस्था हर थाने में उपलब्ध होगी। अलबत्ता 108 एंबुलेंस वाहन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास चल रहे हैं। सीएम ने राहत और बचाव कार्य में सहयोग करने वाले स्थानीय लोगों और पुलिस बलों की सराहना की।
वहीं, हादसे के घायल और मृतकों के परिजनों ने सीएम से पर्वतीय क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति सुधारने की मांग की, ताकि बेवजह किसी की जान सफर के दौरान न जाए। जिस पर सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया और देहरादून के लिए रवाना हो गए।
भतरौंजखान। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने भी बस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। फोन पर उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही रानीखेत सीएमएस, अल्मोड़ा सीएमओ और हल्द्वानी एसटीएच प्रशासन को उन्होंने घायलों को उचित इलाज देने के निर्देश दे दिए हैं। जबकि, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने को कह दिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने बस हादसे में भाजपा रानीखेत नगर अध्यक्ष हंसादत्त बवाड़ी के दामाद की माता, बड़ी बहन की मौत पर गहरी संवेदना जताई। इधर, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल शाही, पूर्व प्रमुख धन सिंह रावत, मोहन नेगी, दर्शन बिष्ट, दीप भगत, मदन माहरा, अविनाश गोयल, चंदन भगत, राजेंद्र जसवाल ने गहरा दुख जताया है। साथ ही प्रदेश सरकार से स्वास्थ्य और सड़क सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग भी की।