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पहाड़ में भ्ाी लाोकप्रिय हाेने लगी साइकिल
दीप जोशी/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 19 Feb 2015 11:48 PM IST
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हाल के कुछ वर्षों में सड़कों में वाहनों की तादाद बहुत तेजी से बढ़ रही है। दूसरी तरफ सड़कें लगातार सिकुड़ रही हैं। वाहनों की संख्या बढ़ने से जहां प्रदूषण बढ़ रहा है वहीं, लोगों को सुबह से शाम तक सड़कों में जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। जाम में फंसने से लोगों में तनाव अलग से बढ़ता है। अल्मोड़ा माल रोड में ब्राइट एंड कार्नर से लेकर स्टेशन तक और उधर करबला से लेकर धारानौला तक करीब आठ-दस किमी क्षेत्र में साइकिल आराम से चल सकती है।
किसी काम के लिए स्टेशन और बाजार आने-जाने के लिए साइकिल का प्रयोग आसानी से हो सकता है। उधर हवालबाग से सोमेश्वर-चनौदा तक करीब 30 किमी सड़क साइकिल के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। इससे जहां पेट्रोल की बचत होगी, वहीं प्रदूषण भी कम होगा। नियमित रूप से साइकिल का उपयोग करने से शरीर चुस्त-दुरुस्त होगा। व्यायाम करने की जरूरत भी नहीं। साइकिल से आने-जाने पर जाम में फंसने की समस्या भी नहीं आ सकती।
साइकिल एडवेंचर स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा
साइकिल को बढ़ावा देने के लिए अल्मोड़ा में कुछ साइकिल प्रेमियों ने उत्तराखंड साइकिलिस्ट नाम से क्लब गठित किया है। एडवेंचर पर्यटन से जुड़े भरत साह इस क्लब को आगे बढ़ा रहे हैं। भरत ने बताया कि अल्मोड़ा में करीब 12 लोग इस क्लब से जुड़कर साइकिलिंग करते हैं। भरत अपने एक साथी शैलेंद्र साह के साथ पिछले सप्ताह नासिक में हुई 150 किमी साइकिलिंग में हिस्सा लेकर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड साइकिलिस्ट के माध्यम से कुमाऊं और गढ़वाल में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इसके अंतर्गत पर्यटन स्थलों के बीच 50 से 100 किमी तक की माउंटेन बाइकिंग आयोजित की जाएगी।
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बच्चों में भी बढ़ रहा क्रेज
अल्मोड़ा नगर में बच्चों में साइकिल का बहुत क्रेज है। नगर की साइकिल की दुकानों से हर माह करीब 40 साइकिल बिकती हैं, लेकिन अभी तक युवाओं और अन्य लोगों में साइकिल के प्रति खास रुचि नहीं है। बड़ी साइकिलें माह में औसतन दो-तीन ही बिकती हैं। साइकिल विक्रेता बाबू भाई ने बताया कि आर्डर पर गियर वाली साइकिलें भी उपलब्ध कराई जाती हैं। साधारण साइकिल करीब साढ़े तीन हजार रुपए से शुरू हैं, जबकि गियर वाली साइकिलें छह हजार रुपए से 15 हजार रुपए तक मिलती हैं। अल्मोड़ा माल रोड में बच्चे साइकिल किराए पर लेकर लुत्फ उठाते देखे जा सकते हैं। साइकिल 50 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से किराए पर मिलती है।
किसी काम के लिए स्टेशन और बाजार आने-जाने के लिए साइकिल का प्रयोग आसानी से हो सकता है। उधर हवालबाग से सोमेश्वर-चनौदा तक करीब 30 किमी सड़क साइकिल के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। इससे जहां पेट्रोल की बचत होगी, वहीं प्रदूषण भी कम होगा। नियमित रूप से साइकिल का उपयोग करने से शरीर चुस्त-दुरुस्त होगा। व्यायाम करने की जरूरत भी नहीं। साइकिल से आने-जाने पर जाम में फंसने की समस्या भी नहीं आ सकती।
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साइकिल एडवेंचर स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा
साइकिल को बढ़ावा देने के लिए अल्मोड़ा में कुछ साइकिल प्रेमियों ने उत्तराखंड साइकिलिस्ट नाम से क्लब गठित किया है। एडवेंचर पर्यटन से जुड़े भरत साह इस क्लब को आगे बढ़ा रहे हैं। भरत ने बताया कि अल्मोड़ा में करीब 12 लोग इस क्लब से जुड़कर साइकिलिंग करते हैं। भरत अपने एक साथी शैलेंद्र साह के साथ पिछले सप्ताह नासिक में हुई 150 किमी साइकिलिंग में हिस्सा लेकर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड साइकिलिस्ट के माध्यम से कुमाऊं और गढ़वाल में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इसके अंतर्गत पर्यटन स्थलों के बीच 50 से 100 किमी तक की माउंटेन बाइकिंग आयोजित की जाएगी।
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बच्चों में भी बढ़ रहा क्रेज
अल्मोड़ा नगर में बच्चों में साइकिल का बहुत क्रेज है। नगर की साइकिल की दुकानों से हर माह करीब 40 साइकिल बिकती हैं, लेकिन अभी तक युवाओं और अन्य लोगों में साइकिल के प्रति खास रुचि नहीं है। बड़ी साइकिलें माह में औसतन दो-तीन ही बिकती हैं। साइकिल विक्रेता बाबू भाई ने बताया कि आर्डर पर गियर वाली साइकिलें भी उपलब्ध कराई जाती हैं। साधारण साइकिल करीब साढ़े तीन हजार रुपए से शुरू हैं, जबकि गियर वाली साइकिलें छह हजार रुपए से 15 हजार रुपए तक मिलती हैं। अल्मोड़ा माल रोड में बच्चे साइकिल किराए पर लेकर लुत्फ उठाते देखे जा सकते हैं। साइकिल 50 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से किराए पर मिलती है।