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ताड़ीखेत बीडीसी की पहली ही बैठक में छाया पेयजल समस्या का मुद्दा
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बीडीसी बैठक को संबोधित करते विधायक माहरा, साथ में प्रमुख और सदस्यगण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में पेयजल समस्या का मुद्दा छाया रहा। दूरदराज से पहुंचे सदस्यों ने पानी होने के बावजूद विभाग की वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े गए। वहीं कई नई पंपिंग योजनाओं से गांवों को न जोड़ने का मसला भी उठाया। मुख्य अतिथि विधायक करन माहरा ने बीडीसी सदस्यों से सदन की गरिमा को बनाए रखने का आह्वान किया। ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए।
प्रमुख हीरा रावत की अध्यक्षता में हुई पहली बीडीसी बैठक में नवनिर्वाचित प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाया। नौबा के बीडीसी सदस्य गणेश राम ने कहा कि चमड़खान पेयजल पंपिंग योजना से अधिकांश गांवों को लाभ नहीं मिल रहा है। गांवों में समितियां भी नहीं बनाई गई हैं। जैनोली के बीडीसी त्रिभुवन फर्त्याल ने तिपौला पेयजल पंपिंग योजना की खामी गिनाई, कहा कि जैनोली, खग्यार के अंतिम छोर के गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीण पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। पेयजल से संबंधित अधिक शिकायतें आने पर ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने कहा कि इस समस्या को लेकर एक माह के भीतर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक होगी। विधायक करन माहरा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और सदस्यों को सदन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने और इसकी गरिमा को बनाए रखने पर जोर दिया।
सीडीओ के देरी से पहुंचने पर आक्रोश
रानीखेत। सीडीओ मनुज गोयल बैठक समाप्त होने से कुछ देर पहले पहुंचे। तब तक अधिकांश सदस्य भी जा चुके थे। उनके देरी से पहुंचने पर सदस्यों ने आक्रोश जताया। कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों को बैठक में मौजूद रहना चाहिए। तभी समस्याओं का निराकरण होगा।
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ये रहे मौजूद
ज्येष्ठ उपप्रमुख मोहन नेगी, कनिष्ठ उपप्रमुख पुष्कर सिंह, जिला पंचायत सदस्य धन सिंह रावत, सोनू फर्त्याल, शोभा रावत, मीनाक्षी नेगी, भगवत नेगी, अमित पांडे, अभिषेक बिष्ट, विमला देवी, सरिता देवी, दुर्गा देवी, हेमा देवी, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, डीडीओ केके पंत, बीडीओ आनंद राम आदि।
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प्रमुख हीरा रावत की अध्यक्षता में हुई पहली बीडीसी बैठक में नवनिर्वाचित प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाया। नौबा के बीडीसी सदस्य गणेश राम ने कहा कि चमड़खान पेयजल पंपिंग योजना से अधिकांश गांवों को लाभ नहीं मिल रहा है। गांवों में समितियां भी नहीं बनाई गई हैं। जैनोली के बीडीसी त्रिभुवन फर्त्याल ने तिपौला पेयजल पंपिंग योजना की खामी गिनाई, कहा कि जैनोली, खग्यार के अंतिम छोर के गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीण पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। पेयजल से संबंधित अधिक शिकायतें आने पर ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने कहा कि इस समस्या को लेकर एक माह के भीतर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक होगी। विधायक करन माहरा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और सदस्यों को सदन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने और इसकी गरिमा को बनाए रखने पर जोर दिया।
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सीडीओ के देरी से पहुंचने पर आक्रोश
रानीखेत। सीडीओ मनुज गोयल बैठक समाप्त होने से कुछ देर पहले पहुंचे। तब तक अधिकांश सदस्य भी जा चुके थे। उनके देरी से पहुंचने पर सदस्यों ने आक्रोश जताया। कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों को बैठक में मौजूद रहना चाहिए। तभी समस्याओं का निराकरण होगा।
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ये रहे मौजूद
ज्येष्ठ उपप्रमुख मोहन नेगी, कनिष्ठ उपप्रमुख पुष्कर सिंह, जिला पंचायत सदस्य धन सिंह रावत, सोनू फर्त्याल, शोभा रावत, मीनाक्षी नेगी, भगवत नेगी, अमित पांडे, अभिषेक बिष्ट, विमला देवी, सरिता देवी, दुर्गा देवी, हेमा देवी, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, डीडीओ केके पंत, बीडीओ आनंद राम आदि।