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Almora News: अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के 13 पीजी पाठ्यक्रमों को मंजूरी
Sun, 20 Sep 2026 11:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:53 PM IST
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान एवं अनुसंधान को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) से बड़ी राहत मिली है। आयोग ने कॉलेज में संचालित 13 पीजी पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कुल 35 पीजी सीटों पर एमडी और एमएस की पढ़ाई जारी रहेगी।
एनएमसी के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा बोर्ड ने यह निर्णय लिया है। यह मंजूरी कॉलेज की ओर भेजी गई वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर दी गई है। मंजूरी पाने वाले एमडी पाठ्यक्रमों में रेस्पिरेटरी मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, एनाटॉमी, एनेस्थीसियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी और फॉरेंसिक मेडिसिन शामिल हैं।
एमएस पाठ्यक्रमों में ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी और ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी को भी मंजूरी मिली है। इस निर्णय से इन पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को लाभ होगा। नए सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए भी स्थिति स्पष्ट हो गई है। कॉलेज में इन 13 पाठ्यक्रमों के तहत कुल 35 सीटों पर पीजी की पढ़ाई संचालित होगी।
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प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने बताया कि पूर्व की 35 पीजी सीटों के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था। उन्होंने कहा कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब इन सीटों पर एमडी-एमएस की पढ़ाई जारी रहेगी।
पाठ्यक्रमों का विवरण
एनएमसी के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा बोर्ड ने कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट का आकलन किया। इसके बाद 13 पीजी पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण का निर्णय लिया गया। इनमें एमडी के दस और एमएस के तीन पाठ्यक्रम शामिल हैं। एमडी के तहत रेस्पिरेटरी मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, एनाटॉमी, एनेस्थीसियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी और फॉरेंसिक मेडिसिन हैं। एमएस के पाठ्यक्रमों में ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी और ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी शामिल हैं।
कोट
- नए शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए भी अनिश्चितता समाप्त हो गई है। पूर्व की पीजी की 35 सीटों के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था जिसे शासन से मंजूरी मिल गई। अब इन सीटों पर एमडी-एमएस की पढ़ाई जारी रहेगी। यह मंजूरी कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार में सहायक होगी। - डॉ. जीएस तितियाल, प्राचार्य
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एनएमसी के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा बोर्ड ने यह निर्णय लिया है। यह मंजूरी कॉलेज की ओर भेजी गई वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर दी गई है। मंजूरी पाने वाले एमडी पाठ्यक्रमों में रेस्पिरेटरी मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, एनाटॉमी, एनेस्थीसियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी और फॉरेंसिक मेडिसिन शामिल हैं।
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एमएस पाठ्यक्रमों में ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी और ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी को भी मंजूरी मिली है। इस निर्णय से इन पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को लाभ होगा। नए सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए भी स्थिति स्पष्ट हो गई है। कॉलेज में इन 13 पाठ्यक्रमों के तहत कुल 35 सीटों पर पीजी की पढ़ाई संचालित होगी।
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प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने बताया कि पूर्व की 35 पीजी सीटों के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था। उन्होंने कहा कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब इन सीटों पर एमडी-एमएस की पढ़ाई जारी रहेगी।
पाठ्यक्रमों का विवरण
एनएमसी के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा बोर्ड ने कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट का आकलन किया। इसके बाद 13 पीजी पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण का निर्णय लिया गया। इनमें एमडी के दस और एमएस के तीन पाठ्यक्रम शामिल हैं। एमडी के तहत रेस्पिरेटरी मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, एनाटॉमी, एनेस्थीसियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी और फॉरेंसिक मेडिसिन हैं। एमएस के पाठ्यक्रमों में ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी और ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी शामिल हैं।
कोट
- नए शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए भी अनिश्चितता समाप्त हो गई है। पूर्व की पीजी की 35 सीटों के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था जिसे शासन से मंजूरी मिल गई। अब इन सीटों पर एमडी-एमएस की पढ़ाई जारी रहेगी। यह मंजूरी कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार में सहायक होगी। - डॉ. जीएस तितियाल, प्राचार्य