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डेंगू के मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश
Almora
Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
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रानीखेत। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. सीपी आर्या ने शुक्रवार की सुबह यहां राजकीय अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने डाक्टरों से रोगियों की गंभीरता से जांच करने, डेंगू आदि के लक्षण मिलने पर तत्काल उन्हें साधन संपन्न अस्पतालों में भेजने के निर्देश दिए। डा. आर्या ने बताया कि पहाड़ में डेंगू के अधिकतर सस्पैक्टेड रोगी मैदानी क्षेत्रों से होकर आए हैं। एहतियात के तौर पर पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया गया है।
डीजी हेल्थ डा. सीपी आर्या शुक्रवार की सुबह यहां राजकीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के सभी वार्ड और ब्लड बैंक आदि का जायजा लिया। संक्षिप्त वार्ता में उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में डेंगू रोग संबंधी बातों से इंकार नहीं किया जा सकता है। पर्वतीय इलाकों में कुल 80 संभावित रोगी हैं अधिकतर लोग मैदानी क्षेत्रों से आए हैं। विभाग डेंगू रोग से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि डेंगू रोग का उपचार संभव है। घरों के आगे पानी एकत्रित नहीं होने देने और खान पान में सावधानी बरतने से ही इससे बचा जा सकता है। तेज बुखार होने पर रोगी अच्छे चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि अगस्त साह, भुवन लाल साह, अधीक्षक डा. डीएस नेई, डा. केके पांडे, डा. कांताकिरण पांडे, डा. रमाकांत सागर, डा. जैनेश बोरा, महेश पंत सहित तमाम लोग मौजूद थे।
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डीजी हेल्थ डा. सीपी आर्या शुक्रवार की सुबह यहां राजकीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के सभी वार्ड और ब्लड बैंक आदि का जायजा लिया। संक्षिप्त वार्ता में उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में डेंगू रोग संबंधी बातों से इंकार नहीं किया जा सकता है। पर्वतीय इलाकों में कुल 80 संभावित रोगी हैं अधिकतर लोग मैदानी क्षेत्रों से आए हैं। विभाग डेंगू रोग से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि डेंगू रोग का उपचार संभव है। घरों के आगे पानी एकत्रित नहीं होने देने और खान पान में सावधानी बरतने से ही इससे बचा जा सकता है। तेज बुखार होने पर रोगी अच्छे चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि अगस्त साह, भुवन लाल साह, अधीक्षक डा. डीएस नेई, डा. केके पांडे, डा. कांताकिरण पांडे, डा. रमाकांत सागर, डा. जैनेश बोरा, महेश पंत सहित तमाम लोग मौजूद थे।
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