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पेयजल व्यवस्था सुधारने को 29 करोड़ का प्रस्ताव अधर में
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अल्मोड़ा। शहर के आधे क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पेयजल निगम निर्माण शाखा द्वारा शासन को भेजे गए 29 करोड़ के आगणन को एक साल बाद भी मंजूरी नहीं मिल सकी है। इस धनराशि से मटेला में नए पेयजल ट्रीटमेंट प्लांट और मटेला से एनटीडी स्थित विक्टर मोहन जलाशय तक 14 इंच मोटी नई पेयजल लाइन बिछाई जानी है, परंतु आगणन को मंजूरी नहीं मिलने से योजना अधर में लटक गई है।
एनटीडी में विक्टर मोहन जोशी पार्क में आजादी से पूर्व का जलाशय था। पूर्व में नगर में पेयजल किल्लत होने पर शहर में इसी जलाशय से पानी की आपूर्ति की जाती थी। कोसी से शहर के लिए नई पेयजल लाइन बिछने पर यह जलाशय निष्प्रयोजय हो गया था।
एनटीडी, हीराडुंगरी समेत अन्य क्षेत्रों में जल संकट को देखते हुए इस जलाशय का जीर्णोद्धार किया गया। शासन से धनराशि स्वीकृत होने पर 1.9 करोड़ लागत से बना यह जलाशय तीन साल से निष्प्रयोज्य पड़ा है। चार हजार किलो लीटर क्षमता के इस जलाशय के लिए कोसी नदी से नई पेयजल लाइन बिछाई जानी है, ताकि शहर की एनटीडी, हीराडुगंरी, धारानौला, चीनाखान, जाखनदेवी, लक्ष्मेश्वर समेत अन्य क्षेत्रों की पेयजल समस्या का समाधान हो सके।
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पेयजल निगम निर्माण शाखा ने मटेला में नया ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और मटेला से विक्टर मोहन जोशी जलाशय तक 14 इंच की मोटी छह किमी पेयजल लाइन बिछाने के लिए फरवरी 2018 में शासन को 29 करोड़ का आगणन भेजा था। जिस पर शासन स्तर से आपत्ति लगने के बाद पुन: संशोधित आगणन पहले अप्रैल और फिर जुलाई में शासन को भेजा गया है। विभाग के अधिशासी अभियंता केडी भट्ट ने बताया कि आगणन को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
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एनटीडी में विक्टर मोहन जोशी पार्क में आजादी से पूर्व का जलाशय था। पूर्व में नगर में पेयजल किल्लत होने पर शहर में इसी जलाशय से पानी की आपूर्ति की जाती थी। कोसी से शहर के लिए नई पेयजल लाइन बिछने पर यह जलाशय निष्प्रयोजय हो गया था।
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एनटीडी, हीराडुंगरी समेत अन्य क्षेत्रों में जल संकट को देखते हुए इस जलाशय का जीर्णोद्धार किया गया। शासन से धनराशि स्वीकृत होने पर 1.9 करोड़ लागत से बना यह जलाशय तीन साल से निष्प्रयोज्य पड़ा है। चार हजार किलो लीटर क्षमता के इस जलाशय के लिए कोसी नदी से नई पेयजल लाइन बिछाई जानी है, ताकि शहर की एनटीडी, हीराडुगंरी, धारानौला, चीनाखान, जाखनदेवी, लक्ष्मेश्वर समेत अन्य क्षेत्रों की पेयजल समस्या का समाधान हो सके।
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पेयजल निगम निर्माण शाखा ने मटेला में नया ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और मटेला से विक्टर मोहन जोशी जलाशय तक 14 इंच की मोटी छह किमी पेयजल लाइन बिछाने के लिए फरवरी 2018 में शासन को 29 करोड़ का आगणन भेजा था। जिस पर शासन स्तर से आपत्ति लगने के बाद पुन: संशोधित आगणन पहले अप्रैल और फिर जुलाई में शासन को भेजा गया है। विभाग के अधिशासी अभियंता केडी भट्ट ने बताया कि आगणन को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।