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किशोरी सदन से कुछ किशोरियां जाना चाहती हैं घर
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अल्मोड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेंद्र कुमार सागर ने बख स्थित राजकीय शिशु सदन, किशोरी सदन और नारी निकेतन का निरीक्षण किया।
शिशु सदन में12 बच्चे रहते हैं। बच्चों के विकास और अन्य रोजगारपरक सुविधाओं को बच्चों को दिलाने के लिए अधीक्षिका को निर्देशित किया। किशोरी सदन के निरीक्षण में सचिव को बताया गया कि 43 किशोरियों में से आठ अल्मोड़ा जिले, तीन ऊधमसिंहगर, आठ पिथारौरागढ़, चार बागेश्वर, पांच नैनीताल और आठ किशोरियां राज्य से बाहर की हैं।
कुछ किशोरियों ने अपने घर जाने की इच्छा जताई। जिस पर सचिव ने सीडब्लूसी को इसकी सूचना देने के निर्देश अधीक्षिका को दिए। उन्होंने मेडिकल कक्ष, मनोरंजन कक्ष का भी निरीक्षण किया। टीवी का विद्युत कनेक्शन नहीं जुड़ा था। मुख्य दरवाजा टूटा था, शौचालय में गीजर का प्वाइंट नहीं था। वाशबेसन का पाइप टूटा मिला। अधीक्षिका को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया।
राजकीय विशेष संरक्षण गृह का भी निरीक्षण किया। बाद में नारी निकेतन के निरीक्षण को पहुंचे। वहां 10 संवासनियां हैं। वार्ता में कुछ संवासनियों ने बताया कि वह वह अपने घर जाना चाहती हैं। सचिव ने अधीक्षिका को संवासनियों को कढ़ाई-बुनाई और अन्य रोजगारपरक शिक्षा देने के निर्देश दिए।
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इधर प्राधिकरण सचिव योगेंद्र कुमार सागर ने निरीक्षण में पाया कि हवालबाग में लीगल एंड क्लीनिक अस्तित्व में नहीं आ पाया है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉ. एस तिवारी से लीगल एड क्लीनिक के संबंध में वार्ता की। डॉ. तिवारी ने आश्वासन दिया कि शीघ्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कक्ष लीगल एड क्लीनिक की स्थापना के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
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शिशु सदन में12 बच्चे रहते हैं। बच्चों के विकास और अन्य रोजगारपरक सुविधाओं को बच्चों को दिलाने के लिए अधीक्षिका को निर्देशित किया। किशोरी सदन के निरीक्षण में सचिव को बताया गया कि 43 किशोरियों में से आठ अल्मोड़ा जिले, तीन ऊधमसिंहगर, आठ पिथारौरागढ़, चार बागेश्वर, पांच नैनीताल और आठ किशोरियां राज्य से बाहर की हैं।
कुछ किशोरियों ने अपने घर जाने की इच्छा जताई। जिस पर सचिव ने सीडब्लूसी को इसकी सूचना देने के निर्देश अधीक्षिका को दिए। उन्होंने मेडिकल कक्ष, मनोरंजन कक्ष का भी निरीक्षण किया। टीवी का विद्युत कनेक्शन नहीं जुड़ा था। मुख्य दरवाजा टूटा था, शौचालय में गीजर का प्वाइंट नहीं था। वाशबेसन का पाइप टूटा मिला। अधीक्षिका को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया।
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राजकीय विशेष संरक्षण गृह का भी निरीक्षण किया। बाद में नारी निकेतन के निरीक्षण को पहुंचे। वहां 10 संवासनियां हैं। वार्ता में कुछ संवासनियों ने बताया कि वह वह अपने घर जाना चाहती हैं। सचिव ने अधीक्षिका को संवासनियों को कढ़ाई-बुनाई और अन्य रोजगारपरक शिक्षा देने के निर्देश दिए।
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इधर प्राधिकरण सचिव योगेंद्र कुमार सागर ने निरीक्षण में पाया कि हवालबाग में लीगल एंड क्लीनिक अस्तित्व में नहीं आ पाया है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉ. एस तिवारी से लीगल एड क्लीनिक के संबंध में वार्ता की। डॉ. तिवारी ने आश्वासन दिया कि शीघ्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कक्ष लीगल एड क्लीनिक की स्थापना के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।