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नई दर से न्यूनतम वेतन नहीं देने वाले फर्म पर होगा केस दर्ज
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अल्मोड़ा। राज्य में कुशल, अर्द्धकुशल, अकुशल और अतिकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन बढ़ने के बाद श्रम विभाग ने बीते छह मई को न्यूनतम वेतन की सूची सभी फैक्ट्री, होटल, ढाबों, दुकानों, वाणिज्य प्रतिष्ठानों को उपलब्ध कराते हुए इसे लागू कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए विभाग ने नगर में अभियान भी चलाया था। विभाग ने अब सभी प्रतिष्ठानों के निरीक्षण की तैयारी कर ली है।
मालूम हो एक अप्रैल से अकुशल से लेकर अति कुशल तक श्रमिकों का न्यूनतम वेतन तीन से साढ़े तीन हजार रुपये तक बढ़ गया है। न्यूनतम वेतन 1948 के नियमानुसार हर पांच साल में राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों का वेतन बढ़ाया जाता है। जिसमें अतिकुशल श्रमिकों को अब बढ़े वेतन के अनुसार 9574 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। पूर्व में यह 6080 रुपये प्रतिमाह था। वहीं अकुशल श्रमिकों को पूर्व में 5050 रुपये प्रतिमाह दिया जाता था जो अब बढ़कर 8300 हो गया है।
सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी और श्रम अधिकारी आशा पुरोहित ने नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों, होटल, रेस्टोरेंटों का निरीक्षण कर प्रतिष्ठान मालिकों से नई दर से श्रमिकों को प्रतिमाह न्यूनतम वेतन देने के निर्देश दिए थे।
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मालूम हो एक अप्रैल से अकुशल से लेकर अति कुशल तक श्रमिकों का न्यूनतम वेतन तीन से साढ़े तीन हजार रुपये तक बढ़ गया है। न्यूनतम वेतन 1948 के नियमानुसार हर पांच साल में राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों का वेतन बढ़ाया जाता है। जिसमें अतिकुशल श्रमिकों को अब बढ़े वेतन के अनुसार 9574 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। पूर्व में यह 6080 रुपये प्रतिमाह था। वहीं अकुशल श्रमिकों को पूर्व में 5050 रुपये प्रतिमाह दिया जाता था जो अब बढ़कर 8300 हो गया है।
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सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी और श्रम अधिकारी आशा पुरोहित ने नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों, होटल, रेस्टोरेंटों का निरीक्षण कर प्रतिष्ठान मालिकों से नई दर से श्रमिकों को प्रतिमाह न्यूनतम वेतन देने के निर्देश दिए थे।
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