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अब नहीं फसेगी मेहनत की कमाई
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Mon, 09 Dec 2013 10:08 PM IST
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सरकारी आवास में रहने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत वाली खबर है। अब रिटायरमेंट के बाद मकान छोड़ने पर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट या नो डिमांड सर्ऱ्टिफिकेट के लिए उन्हें लंबा इंतजार नहीं करना होगा और न ही उनकी दस फीसदी ग्रेच्युटी का भुगतान अटकेगा।
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नियम है कि सरकारी आवास में रहने वाले कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद मकान छोड़ने से पहले क्लीयरेंस सर्टिफिकेट या नो डिमांड सर्ऱ्टिफिकेट के लिए आवेदन फॉर्म भरना पड़ता है।
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आवेदन डाक के जरिए संबंधित विभाग में पहुंचता है। इसमें अक्सर विलंब हो जाता है और जब तक क्लीयरेंस सर्टिफिकेट या नो डिमांड सर्टिफिकेट जारी नहीं होता, तब तक दस फीसदी ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं होगा।
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ऐसे में रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता था। अब डायरेक्टरेट ऑफ स्टेट्स की तरफ से ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था कर दी गई है और सभी आवंटियों से कहा गया है कि सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन ही करें।
साथ ही डायरेक्टरेट ऑफ स्टेट्स के रेंट/एलॉटमेंट अनुभाग के सभी स्टाफ एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य रूप से स्वीकार किए जाएं और समय से उन आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रसारित कर दिया जाए ताकि समय से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट या नो डिमांड सर्टिफिकेट जारी किया जा सके।