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आसाराम के सत्संग से बिखरा एक परिवार!
अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Sun, 13 Oct 2013 10:25 AM IST
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आसाराम पर शाहजहांपुर की बिटिया से दुराचार करने का ही आरोप नहीं है, बल्कि एक परिवार को तोड़ने का भी मामला सामने आया है। पिछले कई माह से पति से अलग होने के बाद अब पत्नी का आसाराम की कथित महिमा से मोह भंग हुआ है।
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पत्नी शहर की बिटिया से हुए दुराचार से भी काफी आहत है और अब उनका आसाराम से मोह भंग भी हो चुका है।
ओसीएफ में काम करने वाले एक अधिकारी के परिवार में यह विघटन तब हुआ, जब बेटा-बेटी की शादी भी हो चुकी है। आसाराम के कारण परिवार में बिखराव का मामला सामने आने पर महिला से संपर्क साधा गया, तो उसने बताया कि उन्होंने बरेली में वर्ष 2001 में आसाराम से दीक्षा ली थी।
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अब आसाराम की करतूतें सामने आने पर उनका मोह भंग हुआ है। आसाराम के कारनामे एक-एक कर दुनिया के सामने आ रहे हैं। पीड़ित बिटिया के परिवार को वह अपना दुख मानती हैं और उनके साथ खड़ी हैं। बिटिया का दुख-दर्द उनका दुख-दर्द है।
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अब क्या होगा भविष्य
पत्नी तो अब परिवार में लौटना चाहती है, क्या उसकी यह इच्छा पूरी हो पाएगी। ऐसे कई सवाल सामने आ रहे हैं, मगर जवाब भविष्य के गर्भ में है।
एक सवाल के जवाब में महिला ने कहा कि उनके पति की शर्त थी कि वह आसाराम का पूजा पाठ छोड़ दें, तो उन्होंने अब आसाराम से मोह त्याग दिया है और वह सब कुछ छोड़ रही हैं। अब यदि उनका पति उन्हें सम्मान पूर्वक रखना चाहता है, तो वह साथ रहने को तैयार हैं।
बच्चों की खातिर वह पति की हर बात मानने को तैयार हैं। इधर, पति ने बताया कि उनकी पत्नी आसाराम की बेरोकटोक पूजा करती रहती थी, घर के कामकाज प्रभावित हो रहे थे। इससे उन्हें नफरत हो गई।
हालांकि पारिवारिक बातें तो और भी हैं, लेकिन पत्नी को छोड़ने की एक मुख्य वजह आसाराम ही थे। पत्नी को वापस बुलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले में सोचने के लिए उन्हें मौका मिलना चाहिए।