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मुजफ्फरनगर में किसकी गोली से बिछीं तीन लाशें?
मदन बालियान/मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 31 Oct 2013 01:01 PM IST
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के भौराकलां थाना क्षेत्र के जंगल में तीन युवकों की हत्या किसकी गोली से हुई, कोई नहीं जानता। वारदात के वक्त पीएसी के जवान भी मौजूद थे। चर्चा है कि पुलिस और पीएसी ने भी गोलियां चलाईं।
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ऐसे में सवाल यह उठता है कि तीनों को ग्रामीणों की गोली लगी या फिर वह पुलिस गोली के शिकार हुए। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस राज से पर्दा उठ सकेगा।
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बुढ़ाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर राय सिंह और हुसैनपुर कलां गांव के जंगल में बुधवार शाम एकाएक हिंसा की चिंगारी भड़क गई। तीन लोगों की पिटाई के बाद जब मोहम्मदपुर गांव के ग्रामीण जंगल में पहुंचे तो पीएसी के जवान भी साथ थे।
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प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो ईख के खेत से फायरिंग के बाद ग्रामीणों और पीएसी ने भी फायरिंग की। यहां गोली लगने से तीन युवकों की मौत हो गई। मोहम्मदपुर राय सिंह के ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने गोली नहीं चलाई। पीएसी के जवानों ने हमले के बाद फायरिंग की है।
उधर, बुढ़ाना थाने पर प्रदर्शन के दौरान भी कई गांवों के लोगों ने पुलिस और पीएसी पर ही हमले का आरोप लगाया। आखिर मरने वालों को किसकी गोली लगी। देर रात तक पुलिस अधिकारी भी इसका जवाब देने की स्थिति में नहीं थे।
छिपाई जाती रहीं लाशें, कोतवाली घेरी
पुलिस देर रात तक तीन लोगों की हत्या की बात तो स्वीकार करती रही लेकिन लाश मौके से कब और कहां गई यह किसी को नहीं बताया गया। मृतकों के परिजन देर रात तक मार्चरी पर डटे रहे, लेकिन यहां शव नहीं पहुंचे थे। जिला चिकित्सालय तक भी शव नहीं पहुंचे।
सूत्रों की माने तो शवों को बुढ़ाना मार्ग के बजाए अन्य किसी मार्ग से तड़के तक मुजफ्फरनगर लाया जाएगा। तिहरे हत्याकांड के बाद कोतवाली पर हुसैनपुर और बुढ़ाना समेत कई गांवों के लोगों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस और पीएसी एकपक्षीय कार्रवाई कर रही है। शवों को भी सामने नहीं लाया जा रहा है।
पुलिस की दबिश के बाद घर छोड़कर भागे ग्रामीण
मोहम्मदपुर राय सिंह गांव के जंगल में हिंसा के बाद इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। देर रात पुलिस घरों को खंगाल रही है। पुरुष घर छोड़कर भाग गए गए हैं। घरों में सिर्फ महिलाएं और बच्चे हैं।
हुसैनपुर कलां, लोई, सराय, बुढ़ाना, जौला, गढ़ी नौआबाद, जैतपुर और भौराकलां, भौराखुर्द आदि में पुलिस ने दबिशें दी। ग्रामीणों के लाइसेंसी हथियार वापस लिए जा रहे हैं। वारदात के बाद पुलिस ने मोहम्मदपुर राय सिंह गांव के घरों की तलाशी ली।
फौजी की पत्नी का आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं के साथ बदसलूकी की। बताते चलें कि आठ सितंबर को भड़की हिंसा में मोहम्मदपुर राय सिंह गांव का रईसुद्दीन मारा गया था। हत्या के बाद घबराए अल्पसंख्यक वर्ग के लोग यहां से पलायन कर शिविरों में पहुंच गए थे।