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पहाड़ से मैदान तक मौसम के तेवर: हेमकुंड साहिब में बर्फबारी तो यूपी में सड़कों पर पानी, हिमाचल में गरज रहे बादल
Sat, 26 Sep 2026 02:25 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 26 Sep 2026 02:25 PM IST
सार
पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम बदल गया है। यूपी के कई जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। कई जिलों में बारिश हो रही है। वहीं, उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड हो गई है। उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में भी छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। राजधानी शिमला में बादल छाए हुए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मानसून की विदाई के साथ-साथ मौसम पहाड़ों से मैदान तक अलग ही तेवर दिखा रहा है। जहां एक ओर बर्फबारी की शुरुआत ने आने वाली ठंड की दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बारिश ने एक अलग ही रूप ले रखा है। हिमाचल में भी शिमला सहित कई शहरों में बादलों का साया है जो कभी भी तेज बारिश का रूप धारण कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कैसा है इन राज्यों में मौसम का हाल और किन जगहों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी: प्रदेश में पानी बरसा तो बरसता ही रहा, स्कूल-कॉलेज बंद; सड़कें लबालब
उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहने के आसार हैं। बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में कहीं धीमी तो कहीं तेज रफ्तार से होती रही। लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 62 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है। लगातार हुई बारिश से मानसून के दौरान प्रदेश में रह गया करीब चार फीसदी बारिश का अंतर भी पूरा हो गया है।
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यूपी: प्रदेश में पानी बरसा तो बरसता ही रहा, स्कूल-कॉलेज बंद; सड़कें लबालब
उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहने के आसार हैं। बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में कहीं धीमी तो कहीं तेज रफ्तार से होती रही। लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है।
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मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 62 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है। लगातार हुई बारिश से मानसून के दौरान प्रदेश में रह गया करीब चार फीसदी बारिश का अंतर भी पूरा हो गया है।
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बारिश की स्थिति को देखते हुए शनिवार को 19 जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में नर्सरी से लेकर डिग्री कॉलेज तक के शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। चार जिलों में कक्षा आठ तक और अन्य जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद करने के प्रशासन के फैसले का सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह ने समर्थन किया है।
नए मौसम तंत्र से बढ़ी बारिश
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिल जाने से उत्तर प्रदेश में बारिश के तेवर और तीखे हुए हैं। शनिवार को प्रदेश में बारिश का दायरा और व्यापक होने की संभावना है। बारिश के कारण अधिकतर क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है और कई जगह यह सामान्य से नीचे पहुंच गया है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिल जाने से उत्तर प्रदेश में बारिश के तेवर और तीखे हुए हैं। शनिवार को प्रदेश में बारिश का दायरा और व्यापक होने की संभावना है। बारिश के कारण अधिकतर क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है और कई जगह यह सामान्य से नीचे पहुंच गया है।
खेतों में गिरी धान की फसल
लगातार बारिश का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी धान समेत अन्य फसलें तेज बारिश और हवाओं के कारण जमीन पर गिर गई हैं। जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ में धान की फसल बिछने की सूचना है। इससे किसानों को फसल खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।
लगातार बारिश का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी धान समेत अन्य फसलें तेज बारिश और हवाओं के कारण जमीन पर गिर गई हैं। जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ में धान की फसल बिछने की सूचना है। इससे किसानों को फसल खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।
हिमाचल: चार दिन बरसेंगे बादल, आज से करवट बदलेगा मौसम; शिमला में छाए बादल, छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में चार दिन बादल झमाझम बरसेंगे। आज से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी शिमला में सुबह धूप खिली, लेकिन दोपहर को घने बादल छाए गए। मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर की शाम या रात से 29 सितंबर की सुबह तक दक्षिण-पूर्वी हिमाचल और उससे सटे इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। 27 सितंबर को बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रहने का पूर्वानुमान है।
हिमाचल प्रदेश में चार दिन बादल झमाझम बरसेंगे। आज से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी शिमला में सुबह धूप खिली, लेकिन दोपहर को घने बादल छाए गए। मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर की शाम या रात से 29 सितंबर की सुबह तक दक्षिण-पूर्वी हिमाचल और उससे सटे इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। 27 सितंबर को बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रहने का पूर्वानुमान है।
इन जिलों में व्यापक बारिश होने के आसार
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सिरमौर, शिमला, सोलन, मंडी और बिलासपुर जिलों के कुछ हिस्सों में 26 सितंबर की शाम से 29 सितंबर की सुबह तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ अंधड़ और बिजली चमकने की भी आशंका है। बारिश की गतिविधि सबसे ज्यादा 27 सितंबर को रहेगी। वहीं 29 सितंबर को भी कई भागों में बारिश की संभावना है। 30 से 2 अक्तूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में 46.0, भरेरी 18.2, धौलाकुआं 11.0 व भरवाईं में 8.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सिरमौर, शिमला, सोलन, मंडी और बिलासपुर जिलों के कुछ हिस्सों में 26 सितंबर की शाम से 29 सितंबर की सुबह तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ अंधड़ और बिजली चमकने की भी आशंका है। बारिश की गतिविधि सबसे ज्यादा 27 सितंबर को रहेगी। वहीं 29 सितंबर को भी कई भागों में बारिश की संभावना है। 30 से 2 अक्तूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में 46.0, भरेरी 18.2, धौलाकुआं 11.0 व भरवाईं में 8.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
किस जिले किस दिन किस स्तर का अलर्ट
27 सितंबर को सिरमौर जिले में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि बिलासपुर, मंडी, शिमला और सोलन व किन्नौर जिले के लिए येलो अलर्ट है। 28 सितंबर को शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के लिए येलो अलर्ट है। वहीं 27 और 28 सितंबर को ऊना, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर और स्पीति इलाके के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश होने की बहुत संभावना है। इसी तरह 26 से 28 सितंबर के दौरान शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में और 27 सितंबर को किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में कुछ जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। आज शिमला, सिरमौर, व किन्नौर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम व कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। जबकि कुल्लू, कांगड़ा, मंडी व लाहौल-स्पीति जिले में हल्की बारिश की संभावना है।
27 सितंबर को सिरमौर जिले में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि बिलासपुर, मंडी, शिमला और सोलन व किन्नौर जिले के लिए येलो अलर्ट है। 28 सितंबर को शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के लिए येलो अलर्ट है। वहीं 27 और 28 सितंबर को ऊना, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर और स्पीति इलाके के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश होने की बहुत संभावना है। इसी तरह 26 से 28 सितंबर के दौरान शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में और 27 सितंबर को किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में कुछ जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। आज शिमला, सिरमौर, व किन्नौर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम व कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। जबकि कुल्लू, कांगड़ा, मंडी व लाहौल-स्पीति जिले में हल्की बारिश की संभावना है।
उत्तराखंड: हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड, कई जिलों में भारी बारिश का रेड-ऑरेंज अलर्ट
उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में मौसम खराब होने के बाद से लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी के कारण धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 26 से 28 सितंबर तक मानसून गतिविधि की चेतावनी दी है। विभाग के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मौजूदा मौसमी प्रणालियों के चलते 26 से 27 सितंबर को पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में मौसम खराब होने के बाद से लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी के कारण धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 26 से 28 सितंबर तक मानसून गतिविधि की चेतावनी दी है। विभाग के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मौजूदा मौसमी प्रणालियों के चलते 26 से 27 सितंबर को पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वर्तमान विश्लेषण के अनुसार दक्षिण ओडिशा व उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब पिछले छह घंटों में 15 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। 26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत व ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग व अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार व पौड़ी में भारी से बहुत भारी व कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ 30-40 किमी की हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 28 सितंबर को उत्तरकाशी, हरिद्वार व देहरादून में कहीं-कहीं भारी वर्षा व गर्जन के साथ तीव्र दौर की बारिश होने की संभावना है।
भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़कें बंद होने का खतरा
मौसम विभाग ने चेताया है कि संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन, चट्टान गिरने से सड़कें-राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। बिजली-पानी जैसी सामुदायिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा नदियों के जल स्तर में वृद्धि, नालों में अचानक बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे मकानों, पुलों व निर्माणाधीन भवनों को नुकसान की आशंका है। चारधाम यात्रा, पर्वतारोहण अभियान व हेली सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में चारधाम व अन्य यात्रा करने वाले तीर्थयात्री-पर्यटक सतर्क रहें, आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। नदी, नालों, उफनती धाराओं में तैरने या नौका विहार न करें। भारी बारिश के दौरान घर के अंदर रहें, सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र पार न करें।
मौसम विभाग ने चेताया है कि संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन, चट्टान गिरने से सड़कें-राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। बिजली-पानी जैसी सामुदायिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा नदियों के जल स्तर में वृद्धि, नालों में अचानक बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे मकानों, पुलों व निर्माणाधीन भवनों को नुकसान की आशंका है। चारधाम यात्रा, पर्वतारोहण अभियान व हेली सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में चारधाम व अन्य यात्रा करने वाले तीर्थयात्री-पर्यटक सतर्क रहें, आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। नदी, नालों, उफनती धाराओं में तैरने या नौका विहार न करें। भारी बारिश के दौरान घर के अंदर रहें, सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र पार न करें।
मौसम का रेड अलर्ट: गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई, बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा जारी
मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर उत्तरकाशी जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और डोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा सुचारू है।
मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर उत्तरकाशी जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और डोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा सुचारू है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिले की सभी तहसीलों से बारिश और भूस्खलन से जुड़ी सूचनाएं लगातार ली जा रही हैं और स्थिति की निगरानी की जा रही है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की लाइव सीसीटीवी के माध्यम से भी लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने एनएच, बीआरओ, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को मशीनरी और मैनपावर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे जल्द से जल्द खोलने को कहा गया है। सभी तहसीलों को भी अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल देने के निर्देश दिए गए हैं।