बीएचयू में आयोजित समारोह में युवा कवि संदीप तिवारी को मिला युवा कविता पुरस्कार
बीएचयू भोजपुरी अध्ययन केंद्र में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल के युवा कवि संदीप तिवारी को युवा कविता पुरस्कार से नवाजा गया। भोजपुरी केंद्र और रविशंकर उपाध्याय स्मृति संस्थान की ओर से आयोजित समारोह में जाने माने कथाकार अखिलेश ने संदीप को रविशंकर उपाध्याय की स्मृति में प्रशस्ति पत्र और नगद धनराशि देेकर सम्मानित किया। बतौर मुख्य अतिथि अखिलेश ने कहा कि संदीप की कविताओं में युवा आत्मविश्वास देखने को मिलता है। यहीं इनको सभी से अलग करती हैं।
राहुल सांकृत्यायन सभागार में आयोजित समारोह में अखिलेश ने कहा कि दमन और अकेलेपन के विरोध में आज के युवा कवियों का स्वर यथार्थ को बहुत करीब से पहचानने की कोशिश का स्वर है। यथार्थ आज हमें गहरे अकेलेपन में धकेलने की कोशिश करता है। विशिष्ट अतिथि कवि सुभाष राय ने कहा कि आज के दौर में डर और हताशा का माहौल समाज की चेतना को मार रही है। संदीप की कविताएं बहुत कुछ आशा और उम्मीद को बचाये रखने में अपनी भूमिका निभाती है।
युवा आलोचक डॉ. विंध्याचल यादव ने कहा कि संदीप की कविताओं की विशेषता किसान जीवन की दुख तकलीफों को सामने लाने की कोशिश है। अध्यक्षता करते हुए कवि ज्ञानेंद्रपति ने कहा कि संदीप की कविताओं को पढ़ते सुनते हुए एक बात साफ उभर के आती है कि इसमें समय के यथार्थ, उसके कोलाहल और वेदना की ध्वनियां साफ सुनाई पड़ती है।
इस दौरान कवि संदीप तिवारी ने कहा कि जिस जमीन ने मुझे आगे बढ़ाया है, उसका एक कवि के रूप में मैं कर्ज उतार रहा हूं। अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि उत्सव के इस बाजारू शोर में कविता ही हैं जो हमारे उल्लास की शांति को बचा सकती है। नई पीढ़ी से अपेक्षा की, कि वह अपनी जमीन को पहचाने और आसमान से आंख मिलाने का साहस करे। इस दौरान प्रो. रामकीर्ति शुक्ल ने प्रशस्ति पत्र को पढ़ा। कार्यक्रम संचालन शोध छात्र जगन्नाथ दुबे और धन्यवाद ज्ञापन वंशीधर उपाध्याय ने दिया।
कवियों ने किया काव्य पाठ
समारोह के दूसरे सत्र में कवियों ने काव्यपाठ भी किया। इसमें बलिराज पांडेय, चंद्रकला त्रिपाठी, रचना शर्मा, अरुणाभ सौरभ, तौसीफ गोया, सोनी पांडेय, अनुपम सिंह, अमरजीत राम, अदनान कफील दरवेश, निलाम्बुज, आर्य भारत, प्रतिभा , आदित्य राज, गोलेन्द्र पटेल, संदीप तिवारी ने काव्य पाठ के माध्यम से रविशंकर को याद किया।