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'अमिताभ' की बीमारी से पीड़ित इस शख्स की मदद को आगे आई योगी सरकार

Thu, 04 May 2017 11:24 AM IST
amarujala.com- Written by: शैलेश कुमार शुक्ल
amarujala.com- Written by: शैलेश कुमार शुक्ल Updated Thu, 04 May 2017 11:24 AM IST
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 Yogi Sarkar came forward to help this person suffering from 'Amitabh' Progeria disease
Rupesh Progeria patient - फोटो : अमर उजाला

बालीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के फिल्म "पा" की पूरी दुनिया में चर्चा हुई थी। इस फिल्म में वह 70 साल के बूढे़ बच्चे बने रहते हैं। दरअसल पा फिल्म में जिस बीमारी से अमिताभ पीड़ित रहते हैं, उससे इलाहाबाद का रुपेश भी बीमार है। 

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बेहद गरीबी में जी रहे रुपेश के परिवार की मदद के लिए अब योगी सरकार सामने आई है। रुपेश 21 साल की उम्र में भी बच्चों सा दिखता है। डॉक्टरों की मानें तो शख्स को प्रोजेरिया नाम की बीमारी है।
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यह 80 लाख लोगों में एक को होती है। इलाहाबाद से 22 किलोमीटर दूर धनैचा हनुमानगंज में रुपेश रहता है। रुपेश प्रोजेरिया से ग्रस्त है।

चार दिन पहले यूपी के स्वास्‍थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने रुपेश से मुलाकात की थी। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिया था कि वे रुपेश की मदद करें। स्वास्‍थ्य मंत्री के निर्देश के बाद सीएमओ और डीएम ने तुरंत मामले में संज्ञान लिया और रुपेश की सारी जांच कराई है।
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रुपेश को जरुरी दवाएं दी गई हैं और उसके लिए सीएम राहत कोष से घर की तलाश की जा रही है। यही नहीं रुपेश के नाम से राशन कार्ड भी जारी कर दिया गया है।
 

सर्कस वाले रुपेश के माता-पिता को दे रहे थे तीन लाख रुपये

 Yogi Sarkar came forward to help this person suffering from 'Amitabh' Progeria disease
Rupesh Progeria patient - फोटो : अमर उजाला
रुपेश के पिता रमापति के मुताबिक उनके बेटे का जन्म नार्मल हुआ था। जब वो छोटा था तब कभी सिर दर्द, कभी पैर दर्द की श‍िकायत करता था।

कई डॉक्टर के पास गए, लेकिन कोई बीमारी नहीं पकड़ पाया। सभी सिर्फ दर्द कम करने के लिए पेन किलर दे देते थे। जैसे-जैसे बेटे की उम्र बढ़ती गई, वैसे-वैसे इसके शरीर में असामान्य बदलाव आता गया। सिर सामान्य से बड़ा होता गया और पूरा शरीर सूखता गया। 5 साल पहले कुछ सर्कस वाले गांव आए थे।

वो रुपेश को अपने साथ ले जाना चाहते थे। इसके बदले 3 लाख रुपए भी दे रहे थे, लेकिन हमने मना कर दिया। वो बेटे को ले जाकर सर्कस में शामिल करके उसे अजूबे की तरह पेश करना चाहते थे। हमने उनसे कह दिया कि अगर एक करोड़ भी देंगे, तब भी बेटे को नहीं ले जाने देंगे।

​ मां शांति देवी ने बताया रुपेश अपना कोई खुद नहीं कर पाता। यहां तक की शौच के लिए भी उसे एक व्यक्त‍ि की जरूरत पड़ती है। मैं अब 24 घंटे बस बेटे की देखरेख में लगी रहती हूं।
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