शपथ ग्रहण आज: योगी मंत्रिमंडल में बढ़ सकता है पूर्वांचल का रसूख, बनारस के चार विधायकों को मिल सकती है सौगात
योगी-2 सरकार में बलिया से लेकर प्रयागराज तक एक दर्जन से ज्यादा विधायकों के मंत्री बनने की संभावना है। दरअसल, पूर्वांचल के जरिए ही जातीय समीकरण भी साधने की पूरी कवायद होगी।
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प्रचंड बहुमत के बाद आज लगातार दूसरी बार योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद मंत्रिमंडल में पूर्वांचल का भी रसूख बढ़ने की उम्मीद है। पूर्वांचल के कई नेताओं को मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके लिए कयासों के साथ ही प्रयासों का भी दौर शुरू है।
विधानसभा चुनाव में गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ जैसे जिलों में अहम भूमिका निभाने वाले एमएलसी व प्रदेश उपाध्यक्ष एके शर्मा की भी ताजपोशी हो सकती है। इसके साथ ही वाराणसी सहित आसपास के जिलों से चुने गए विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पूर्वांचल के जरिए जातीय समीकरण साधने की कोशिश
योगी-2 सरकार के गठन से पहले बृहस्पतिवार को गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मंत्रिमंडल की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। पूर्वांचल में बलिया से लेकर प्रयागराज तक एक दर्जन से ज्यादा विधायकों के मंत्री बनने की संभावना है। दरअसल, पूर्वांचल के जरिए ही जातीय समीकरण भी साधने की पूरी कवायद होगी।
ये बन सकते हैं मंत्री
यही कारण है कि ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, पिछड़ी जाति के राजभर, पटेल, बिंद सहित अनुसूचित जाति के विधायक अपनी बारी की उम्मीद में है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो वाराणसी के अनिल राजभर को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसके अलावा पिछली बार मंत्रिमंडल में रहे रविंद्र जायसवाल और डा. नीलकंठ तिवारी पर विचार किया जा रहा है।
पटेल नेताओं में मिर्जापुर के रमाशंकर पटेल व अनुराग पटेल के साथ ही रोहनिया विधायक डा. सुनील पटेल और सेवापुरी विधायक नीलरतन पटेल भी दौड़ में है। राजपूत विधायकों में बलिया के दयाशंकर सिंह, सैयदराजा के सुशील सिंह भी शामिल हैं।
मऊ के मधुबन विधायक राम विलास चौहान, मझवा के डॉ. विनोद बिंद भी अपनी जगह बनाने में जुटे हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति को साधने में वाराणसी के अजगरा सीट से विधायक टी राम, मिर्जापुर के राहुल कोल, सोनभद्र के दुद्धी के रामदुलार व ओबरा के संजीव कुमार में से किसी को मौका मिल सकता है। फिलहाल बृहस्पतिवार की अहम बैठक पर विधायकों की निगाह टिकी है।