फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Yoga philosophy is the need of the present, not related to any religion

योग दर्शन वर्तमान की जरूरत, नहीं हैं किसी धर्म से संबंध

Fri, 18 Jun 2021 01:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 01:42 AM IST
विज्ञापन
Yoga philosophy is the need of the present, not related to any religion
योग किसी धर्म विशेष से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह एक भारतीय विज्ञान है और विज्ञान उस बहती धारा के समान है जो सभी जीवों को ऑक्सीजन के लिए बराबर अवसर देता है। उक्त बातें भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के विशेष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान सारनाथ और अंतर विश्वविद्यालय योग विज्ञान केंद्र बंगलूरू द्वारा आयोजित योग एंड मेंटल हेल्थ नामक विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार में कहीं।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति की यह विशेषता रही है कि हम बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान सहजता से निकाल लेते हैं जिसमें भारतीय दर्शन और योग ने बड़ी भूमिका रही है। योग केवल मन और शरीर के साधने की ही बात नहीं करता अपितु प्रकृति संरक्षण की बात भी करता है।
विज्ञापन

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अंतर विश्वविद्यालय योग विज्ञान केंद्र बंगलूरू के निदेशक प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय रहे। अध्यक्षता केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान सारनाथ के कुलपति प्रो. गेशे नवांग समतेन ने की। इस दौरान कुलसचिव डॉ. आरके उपाध्याय, डॉ. सुशील कुमार सिंह, डॉ. हिमांशु पांडेय, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. अनुराग त्रिपाठी, ओजस सांडिल्य, निरंकार पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed