यज्ञो वै विष्णु: विश्वनाथ धाम में हुई आदित्य व्रतम की पूजा, अर्पित किया सूर्य को अर्घ्य; गूंजते रहे मंत्र
Varanasi News: चक्रवर्ती विजय नावड ने बताया कि वैदिक यज्ञ में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम से आए 11 वैदिक ब्राह्मणों ने एक लाख 116 बिल्व फल से हवन किया। तेलुगु वैभव कार्यक्रम के अंतर्गत आवधान सप्ताह में डॉ. धूलिपाल महादेव मणि ने प्रवचन दिया।
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राष्ट्र की सुख समृद्धि और विश्व कल्याण के संकल्प के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में यज्ञो वै विष्णु: के तहत रविवार को आदित्य व्रतम की पूजा हुई। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया। शाम को सूर्यनारायण मूर्ति कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया।
रविवार को नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान यज्ञो वै विष्णु: कार्यक्रम के तहत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के त्र्यंबकेश्वर हाॅल में मुख्य आचार्य पं. जगन्नाथ शास्त्री की देखरेख में दक्षिण भारत से आए हुए वैदिक विद्वानों ने आदित्य व्रतम की पूजा की। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया।
शाम को सूर्यनारायण मूर्ति कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया। सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान पं. सूर्य किरण शर्मा के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों ने नीलकंठ महादेव मंदिर के पास चंडी हवन, अन्नपूर्णेश्वरी हवन और सौंदर्य लहरी हवन किया।
आंध्र प्रदेश से पधारे वैदिक विद्वान कल्पल्ली वेंकटेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में पीवी सुब्रमण्यम, चेरू सीताराम, वी रोहित, एन सांबा शिवा, वीवी रमण मूर्ति, पी काली प्रसाद शर्मा, डी श्रवण, जीएलएन शर्मा, जी आदित्य, एमवी शरण कुमार शर्मा, पी श्रीनिवास ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्र होमम किया।
कार्यक्रम के दौरान पं. नोरी कल्याण सुंदर एवं ब्रह्मश्री नोरी सुब्रमण्यम शास्त्री की देखरेख में श्री चक्रनवावरण की सामूहिक अर्चना की गई। राम कवचम प्रताप शर्मा के नेतृत्व में वेद की सभी शाखाओं को समर्पित 16 शिवलिंगों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। कार्यक्रम में पुष्पगिरि पीठाधिपति व जगद्गुरु अभिनवोद्दंड विद्या शंकर भारती स्वामी, अमृतानंद स्वामी, आंध्रा आश्रम के ट्रस्टी वीवी सुंदर शास्त्री आदि मौजूद रहे। सोमवार को श्री शिव पार्वती शांति कल्याण उत्सव के साथ कलारत्न वेमुरी वेंकटविश्वनाथ का विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।