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... तो काशी में होगा आयुर्वेद विश्वविद्यालय
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:34 AM IST
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राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में ऐसी सभी सुविधाएं मौजूद हैं जो किसी विश्वविद्यालय में होती हैं। इस लिहाज से इस कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा मिल सकता है। गुरुवार को कॉलेज का निरीक्षण करने आई भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) की टीम के सदस्यों ने यह बात कही।
उन्होंने आश्वासन दिया कि वे परिषद से इस कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने की सिफारिश करेंगे। सीसीआईएम की तीन सदस्यीय टीम में शामिल डॉ. प्रकाश चंद्र सक्सेना, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. मुकेश शर्मा ने क्लास रूम, ओपीडी, आपरेशन थियेटर, दवा भंडार कक्ष का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने कॉलेज के रिकॉर्ड का परीक्षण भी किया। साथ ही वार्डों में भर्ती मरीजों से बात की। डॉ. मनोज ने बताया कि परिषद के मानकों पर कॉलेज खरा उतरा है। यहां वो सभी सुविधाएं हैं, जो अच्छे संस्थान में होनी चाहिए। बताया कि अभी यहां केवल स्नातक स्तर पर 40 सीटों पर प्रवेश होता है।
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उपलब्ध संसाधन के लिहाज से स्नातक में सीटें बढ़ाने के साथ ही हर विषय में पीजी की कक्षाएं भी चलाई जा सकती हैं। कहा कि यदि कॉलेज इसका प्रस्ताव भेजता है तो वे परिषद से मंजूरी दिलाने की सिफारिश करेंगे। साथ ही कहा कि इस कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा भी मिल सकता है। इस दौरान प्राचार्य प्रो. एसएन सिंह ने कहा कि कॉलेज में पीजी कक्षाएं चलाने के लिए वह शासन को प्रस्ताव भेजेंगे।
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उन्होंने आश्वासन दिया कि वे परिषद से इस कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने की सिफारिश करेंगे। सीसीआईएम की तीन सदस्यीय टीम में शामिल डॉ. प्रकाश चंद्र सक्सेना, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. मुकेश शर्मा ने क्लास रूम, ओपीडी, आपरेशन थियेटर, दवा भंडार कक्ष का जायजा लिया।
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इस दौरान उन्होंने कॉलेज के रिकॉर्ड का परीक्षण भी किया। साथ ही वार्डों में भर्ती मरीजों से बात की। डॉ. मनोज ने बताया कि परिषद के मानकों पर कॉलेज खरा उतरा है। यहां वो सभी सुविधाएं हैं, जो अच्छे संस्थान में होनी चाहिए। बताया कि अभी यहां केवल स्नातक स्तर पर 40 सीटों पर प्रवेश होता है।
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उपलब्ध संसाधन के लिहाज से स्नातक में सीटें बढ़ाने के साथ ही हर विषय में पीजी की कक्षाएं भी चलाई जा सकती हैं। कहा कि यदि कॉलेज इसका प्रस्ताव भेजता है तो वे परिषद से मंजूरी दिलाने की सिफारिश करेंगे। साथ ही कहा कि इस कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा भी मिल सकता है। इस दौरान प्राचार्य प्रो. एसएन सिंह ने कहा कि कॉलेज में पीजी कक्षाएं चलाने के लिए वह शासन को प्रस्ताव भेजेंगे।