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विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस : बदलती जीवन शैली से हड्डियां कमजोर होने का बढ़ा खतरा, रोजाना धूप लेने और सैर करने से फायदा

Wed, 20 Oct 2021 12:05 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 20 Oct 2021 12:05 PM IST
सार

शरीर में कमजोर होने वाली हड्डियों से होने वाली बीमारी से बचाव के प्रति जागरूकता के लिए ही हर साल 20 अक्तूबर को ऑस्टियोपोरोसिस दिवस मनाया जाता है। बीएचयू अस्पताल  की ओपीडी में आने वाले 150 से 200 मरीजों में से 30 से 40 मरीज कमजोर हड्डी वाले आते हैं। 

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World Osteoporosis Day weakening bones due to changing lifestyle daily sunlight and walking benefit
विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

विस्तार

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर की हड्डियां कमजोर होने लगती है। आम तौर पर बढ़ती उम्र के साथ ही यह बीमारी बढ़ने लगती है, लेकिन बदलती जीवन शैली की वजह से अब यह लगभग सभी उम्र में देखने को मिल रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, विटामिन डी और शरीर में कैल्शियम की कमी ही इस बीमारी की मुख्य वजह है।

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अगर समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। खानपान, नियमित व्यायाम, धूप में रहने से इस बीमारी पर रोकथाम पाया जा सकता है।  शरीर में कमजोर होने वाली हड्डियों से होने वाली बीमारी से बचाव के प्रति जागरूकता के लिए ही हर साल 20 अक्तूबर को ऑस्टियोपोरोसिस दिवस मनाया जाता है।
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 समय-समय पर जांच भी बहुत जरूरी
बीएचयू अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में इस बीमारी से परेशान मरीज पहुंच रहे हैं। बीएचयू आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 150 से 200 मरीजों में से 30 से 40 मरीज कमजोर हड्डी वाले आते हैं। इसमें युवाओं के साथ ही 50 साल से अधिक वालों की संख्या अधिक रहती है।
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मोनोपोज संबंधी समस्या से ग्रसित महिलाओं में भी यह बीमारी देखने को मिलती है। प्राय: हड्डियां कमजोर होने लगती है तो उसके टूटने का खतरा रहता है। ध्यान देने की बात यह है कि शरीर में कैल्शियम की कमी न होने देना चाहिए। समय-समय पर जांच भी बहुत जरूरी है। 
पढ़ेंः पीएम मोदी का वाराणसी आगमन: आयुष अस्पताल का लोकार्पण टला, आज तय होगी परियोजनाओं की फाइनल सूची

व्यायाम, खानपान से बीमारी पर रोकथाम संभव

राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में काय चिकित्सा विभाग के डॉ. अजय कुमार के अनुसार आधुनिक जीवन शैली ने हमारी दिनचर्या और खानपान की आदतों में ऐसा बदलाव किया है कि बालक, युवा वृद्ध या महिला सभी में तेजी से हड्डियों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खानपान, नियमित व्यायाम, धूप में रहने से इस बीमारी पर रोकथाम पाया जा सकता है।

सूर्य की रोशनी विटामिन-डी का सबसे बेहतर स्रोत है इसलिए बच्चों को घर से बाहर धूप में खेलने के लिए कहना चाहिए।  व्यायाम, खासतौर पर चलना, जॉगिंग आदि जितना करेंगे और जितनी उम्र तक करते रहेंगे, हड्डियों को ताकत मिलेगी। दही, पनीर और दूध के बने आहार द्रव्यों का पर्याप्त सेवन करें। इनमें कैल्शियम होता है।

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