World Lung Cancer Day: बीएचयू में हर सप्ताह आ रहे फेफड़े के कैंसर के पांच नए केस, ये लक्षण दिखे तो कराएं जांच
Varanasi News: आईएमएस बीएचयू में हर सप्ताह फेफड़े के कैंसर के पांच नए केस आ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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आम तौर पर बढ़ती उम्र में होने वाले फेफड़े के कैंसर की जद में अब युवा भी आ रहे हैं और इस बीमारी की वजह भी अब धूम्रपान नहीं रह गई है। शहर में बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोग फेफड़े के कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। बीएचयू के टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट में हर सप्ताह पांच मरीजों में फेफड़े के कैंसर की पुष्टि हो रही है।
आईएमएस बीएचयू के टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अतुल तिवारी का कहना है कि ओपीडी में वाराणसी के साथ ही पूर्वांचल के जिले और बिहार तक के मरीज आते हैं। आम तौर पर लंबे समय से खांसी आना, वजन कम होने की शिकायत मरीज करते हैं।
जब जांच कराई जाती है तो फेफड़े के कैंसर होने की जानकारी मिलती है। हर सप्ताह करीब पांच नए मरीज मिल रहे हैं। इस बीमारी की मुख्य वजह तो धूम्रपान मानी जाती है लेकिन अब प्रदूषण की वजह से भी ये बीमारी बढ़ रही है। फेफड़े के कैंसर के 100 मरीजों में दो से तीन युवा मिलते हैं जिनकी उम्र 30 से 45 साल होती है।
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हर महीने एक नए मरीज का होता है ऑपरेशन
सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के डॉ. तरुण कुमार का कहना है कि फेफड़े के कैंसर के लक्षण जितनी जल्दी पता चल जाए, उतनी जल्दी इलाज शुरू करा देना चाहिए। इस बीमारी की जद में आने वाले अधिकांश मरीज टीबी की बीमारी मानकर दवा करवाते हैं। इसलिए टीबी वाले मरीजों की सेहत पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के ऑपरेशन थियेटर में हर महीने एक मरीज का ऑपरेशन किया जा रहा है। यह बात भी सही है कि युवाओं में यह बीमारी बढ़ती जा रही है। इसके प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
ये लक्षण दिखे तो तुरंत कराएं जांच
- लगातार खांसी आना। इसमें खून आना।
- वजन कम होना और भूख में कमी।
- सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या बेचैनी।
- सही तरीके से बोलने में परेशानी या आवाज स्पष्ट न होना।