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विश्व प्रसिद्ध रामलीला के किस्से: काशीराज ने किया मजाक तो गले में लपेट लिया नाग, अटक गईं थी लोगों की सांसें

Thu, 19 Oct 2023 12:37 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/चंदौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/चंदौली Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 19 Oct 2023 12:37 PM IST
सार

विश्व धरोहर में शामिल रामनगर की रामलीला में कई ऐसे रोचक प्रसंग हुए जिन्हें आज भी याद किया जाता है। उन्हीं में एक घटना ये है कि रामलीला के दौरान जब शिव के स्वरूप बने पात्र ने गले में असली नाग लपेट लिया और मंच पर पहुंच गए। 

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World famous Ramnagar ki Ramlila stories When Kashiraj made joke  man snake wrapped around his neck
रामनगर की रामलीला में एक दृश्य का मंचन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व धरोहर में शामिल रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला से कई रोचक किस्से जुड़े हैं। उन्हीं में एक घटना ये है कि रामलीला के दौरान जब शिव के स्वरूप बने पात्र ने गले में असली नाग लपेट लिया और मंच पर पहुंच गए। यह देखकर लीला में पहुंचे सभी नेमियों की सांसें अटक गईं थीं। इसे चमत्कार ही कहा जाए कि सांप सहज रूप से गले में पड़ा रहा...और लीला पूर्ववत चलती रही। कोई हादसा नहीं हुआ।

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रामनगर की रामलीला में कई ऐसे रोचक प्रसंग हुए जिन्हें आज भी याद किया जाता है। सन 1965 के दौरान की बात है। एक बार शिव बने रामसूरत उपाध्याय को तत्कालीन महाराज विभूति नारायण सिंह ने विनोद स्वरूप अनायास ही कह दिया कि नकली सांप लटकाकर आप क्या शंकरजी की भूमिका निभा रहे हैं, कभी असली पहनकर आइए...।
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यह बात रामसूरत उपाध्याय को ऐसी लगी कि राज्याभिषेक के प्रसंग वाले दिन असली सांप गले में लपेटकर चले आए। यह देखकर लीलाप्रेमी तो सकते में पड़ गए लेकिन रामसूरत उपाध्याय जरा भी नहीं डरे और न अटके। अपना पूरा संवाद बोला। इस प्रसंग के दौरान पूरा अयोध्या मैदान हर हर महादेव... के उद्घोष से गूंजता रहा। 

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सर्प की वजह से बंद हो गई थी सुलोचना सती लीला

रामनगर की रामलीला में एक बार सुलोचना सती और नारांतक वध की लीला रामनगर के महाराजा प्रभु नारायण सिंह की आज्ञा से बंद हो गई थी। इसके पीछे की वजह भी एक सर्प ही था। सुलोचना सती लीला के दौरान जब सुलोचना ने जब मेघनाद का सिर लेकर अग्नि में प्रवेश कर सुरंग के जरिये उस पार निकलना चाहा तो बीच में ही एक सर्प फन फैलाए बैठा था। सुलोचना बना पात्र असमंजस में पड़ गया। एक तरफ आग और दूसरी तरफ सर्प। वह काफी भयभीत हो गया। किसी तरह उसे वहां से निकाला गया। दूसरे साल से वह लीला बंद कर दी गई।

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