World Chess Day: काशी की मेजबानी में UP में ग्रैंडमास्टर की होगी खोज, ऐसे होगा चयन; 40 साल से हो रहा इंतजार
Varanasi News: प्रतियोगिता में चयन होने पर खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। 1922 से अब तक ग्रैंडमास्टर की तलाश की जा रही है। शतरंज की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय मास्टर की भी खास स्थान होता है।
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World Chess Day: काशी की मेजबानी में शतरंज के ग्रैंडमास्टर (जीएम) स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए वाराणसी सहित प्रदेश के दस जिलों में दो लाख और अन्य जिलों में एक लाख रुपये की प्रतियोगिता होगी।
शीर्ष तीन-तीन खिलाड़ियों का चयन कर महराजगंज में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश शतरंज संघ के संयुक्त सचिव विजय कुमार ने बताया कि जिले में 1992 से अब तक 40 साल से जिले में एक भी ग्रैंडमास्टर नहीं निकले।
अब संघ की ओर से पहली बार दस जिले लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजीयाबाद, मेरठ, प्रयागराज वाराणसी में दो लाख और बाकी जिलों में एक लाख की प्रतियोगिता होगी। दो दिवसीय मैच में सभी जिलों से तीन-तीन टाॅप खिलाड़ियों का चयन होगा।
संयुक्त सचिव ने बताया कि जिले में प्रखर त्रिपाठी, गोविंद कुमार, एसानी पाठक, विधि एंजिलीना, वैष्णवी प्रकाश जैसे गिने चुने खिलाड़ी प्रदेश, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रमंडल खेलों तक ही पहुंच पाए हैं। शिविर में महाराष्ट्र के जीएम प्रवीण थिप्से और यूपी के कानपुर के आईएम दिनेश शर्मा की निगरानी में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ये होते हैं ग्रैंडमास्टर और अंतरराष्ट्रीय मास्टर
शतरंज की दुनिया में ग्रैंडमास्टर और अंतरराष्ट्रीय मास्टर सर्वोच्च सम्मान में से है। ये उपाधियां विश्व शतरंज महासंघ (फीडे) की ओर से उन खिलाड़ियों को दी जाती है जो असाधारण कौशल और उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। ग्रैंडमास्टर का दर्जा अंतरराष्ट्रीय मास्टर से ऊपर होता है।
खिलाड़ी को फीडे रेटिंग कम से कम एक बार 2500 या अधिक पर पहुंचानी होती है। खिलाड़ी को तीन ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल करने होते हैं। आईएम भी फीडे की ओर से दी जाने वाली एक प्रतिष्ठित उपाधि है, जो ग्रैंडमास्टर के ठीक नीचे का स्तर है। यह खिताब भी जीवन भर के लिए होता है।
कई खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर बनने से पहले आईएम का खिताब हासिल करते हैं। खिलाड़ी को अपनी फीडे रेटिंग कम से कम एक बार 2400 या उससे अधिक के स्तर पर पहुंचानी होती है। तीन आईएम नॉर्म लेने पड़ते हैं।