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ये कैसी सांसद आदर्श ग्राम योजना?: जया बच्चन के गोद लिए गांव में आधा-अधूरा काम, जानें क्या बोले ग्रामीण

Sun, 03 Dec 2023 08:55 AM IST
अनुज कुमार मनोज कुमार गुप्ता, अमर उजाला, वाराणसी
मनोज कुमार गुप्ता, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अनुज कुमार Updated Sun, 03 Dec 2023 08:55 AM IST
सार

समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद जया बच्चन के गोद लिए गांव में काम अधूरा रह गया है। सामुदायिक शौचालय में दोयम दर्जे की ईंटें लगाने का आरोप है। इंटरलॉकिंग, सोलर पैनल और सीसीरोड निर्माण आधा-अधूरा कराया गया है।

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Work remains incomplete in rajya sabha mp Jaya Bachchan adopted village
राज्यसभा सांसद जया बच्चन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यसभा सांसद जया बच्चन के गोद लिए गांवों में विकास काम में धन की बर्बादी की गई है। तमाम कार्य या तो अधूरे छोड़ दिए गए हैं या मानकों का ध्यान नहीं दिया गया है। इंटरलॉकिंग, सोलर पैनल और सीसीरोड निर्माण आधा-अधूरा कराया गया है। पड़ताल के दौरान तमाम ऐसे लोग भी मिले, जिन्हें यहीं पता नहीं कि उनके गांव को जया बच्चन ने गोद लिया है।

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कालीन नगरी भदोही को राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने एक दशक पहले अपना नोडल जिला बनाया था। इसके बाद सांसद ने जिले में भदोही ब्लॉक के लागनबारी और दत्तीपुर गांवों को गोद लिया। नाली, इंटरलॉकिंग, सौर ऊर्जा पैनल के अलावा सीसी रोड के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये जारी किए।
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अमर उजाला की टीम ने राज्यसभा सांसद जया बच्चन के गोद लिए गांव दत्तीपुर की पड़ताल की। 2016 में गांव से होते हुए बेनीपुर तक बने 1500 मीटर सीसीरोड में निर्माण में मानकों का ध्यान नहीं दिया गया है। रोड के सामने लगे शिलापट्ट पर साफसाफ शब्दों में सीसी रोड व आउट फाल ड्रेन के साथ नाली रोड निर्माण पर 99 लाख रुपये खर्च किए जाने की बात कहीं गई है। लेकिन मौके पर केवल सीसी रोड देखने को मिला। आउट फार ड्रेन और नाली का कहीं अता-पता नहीं।
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गांव में राज्यसभा सांसद की निधि से ही बन रहे सामुदायिक शौचालय की स्थिति भी वैसी ही दिखी। जिसमें लगाए जा हरे ईटों की गुणवत्ता भी दोयम दर्जे की देखी गई। बताया गया कि गांव में 28 हैंडपंप के साथ ही दर्जनों सोलर पैनल लगाए गए है, लेकिन वह कहां लगे हैं। यह भी देखने को नहीं मिला।

सड़क पर पांच साल से पड़ी गिट्टी
राज्यसभा सांसद निधि से दत्तीपुर गांव के बगल में ही कनहरी गांव में जाने के लिए एक किमी सड़क का निर्माण 2016 में ही शुरू किया गया। लगभग 97 लाख के लागत से बनने वाले इस सड़क पर बीते पांच सालों से गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। इसका पैसा कहां हजम हो गया और किस मद में खर्च कर दिया गया। यह बताते वाला कोई नहीं। आसपास के लोगों का कहना है कि बीते पांच सालों से यह रोड इसी तरह है। अब हम लोगों के लिए यह मुसीबत बन गया है।

क्या कहते हैं गांव के लोग
गांव में राज्यसभा सांसद निधि से कई गांव हुए हैं। आधा दर्जन से अधिक सोलर पैनल के अलावा दो दर्जन से अधिक हैंडपंप लगाया गया है। वहीं इंटरलांकिंग व सीसीरोड का निर्माण हुआ है। हालांकि कार्य गुणवत्ता बहुत अच्छी नहीं कहीं जाएगी। - रामजीत यादव।

गांव में राज्यसभा सांसद की निधि से सीसीरोड का निर्माण कराया, लेकिन मानकों का ध्यान नहीं दिया गया। शिलापट्ट पर नाली निर्माण के बारे में लिखा है, लेकिन यहां कोई काम नहीं हुआ। पैसों का खुब बंदरबांट किया गया है। - विनोद यादव।

राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने हमारे गांव को गोद लिया गया है। यह हमें जानकारी नहीं है, लेकिन गांव की सड़क पर सालों से पड़ी गिट्टियां हम सबसे के लिए परेशानी का सबब बन गई है। - माधुरी देवी।

सड़क पर गिट्टी पड़ी होने के कारण कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं। पांच सालों से यह ऐसे ही है। अब तो लगता है कि यह बनेगा ही नहीं। - इनारू कन्नौजिय

राज्यसभा सांसद जया बच्चन के जिले के नोडल जिला बनाए 12 साल हो गए हैं। पूर्व में हुए कामों में कुछ गड़बड़ियां हैं, लेकिन अब जो काम हो रहे हैं। उसकी पूरी निगरानी की जा रही है और कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता का ध्यान भी रखने को कहा जा रहा है। - रमेश यादव, प्रतिनिधि, जया बच्चन।

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