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बभनियाव और माटी गांव में खोदाई का काम शुरू
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राजातालाब स्थित बभनियाव और चंदौली जिले के माटी गांव में खोदाई का काम रविवार से शुरू हो गया। यहां बीएचयू प्राचीन इतिहास, पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष के निर्देशन में पहले खोदाई स्थल पर पूजन किया गया, इसके बाद यहां फावड़ा चलाकर काम भी शुरू हुआ। इसमें बभनियाव में जिस जगह पर शिवलिंग का पता चला था, उसके बगल में खोदाई कराई जा रही है जबकि माटी गांव में पिछले साल के खोदाई स्थल के साथ ही गांव में एक अन्य जगह पर भी खोदाई कराने का निर्णय लिया गया।
बीएचयू प्राचीन इतिहास विभाग की टीम की ओर से ही दोनों जगहों पर पिछले साल खोदाई में प्राचीन मंदिर और शिवलिंग के साथ ही मिट्टी के बर्तन आदि पुरावशेष मिले थे। अब यहां नए सिरे से फिर खोदाई कराई जा रही है। रविवार को विभागाध्यक्ष प्रो. ओएन सिंह और प्रो. अशोक सिंह ने बभनियाव और माटी गांव में पूजन कराया। इसके बाद यहां काम शुरू हो गया।
प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि जिस तरह से पिछले साल यहां पुरावशेष मिले थे, उसी तरह इस बार भी खोदाई में कई पुरावशेष मिलने की संभावना है। माटी गांव में इस साल के उत्खनन कार्य में पिछले साल मिली गुप्तकालीन मंदिर की संरचना के चरणों का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा एक अन्य जगह पर खोदाई करवाकर यहां आवासीय स्थिति का पता लगाया जाएगा। इस दौरान प्रो.एके दूबे, डॉ. रविशंकर, डॉ. अरुण प्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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बीएचयू प्राचीन इतिहास विभाग की टीम की ओर से ही दोनों जगहों पर पिछले साल खोदाई में प्राचीन मंदिर और शिवलिंग के साथ ही मिट्टी के बर्तन आदि पुरावशेष मिले थे। अब यहां नए सिरे से फिर खोदाई कराई जा रही है। रविवार को विभागाध्यक्ष प्रो. ओएन सिंह और प्रो. अशोक सिंह ने बभनियाव और माटी गांव में पूजन कराया। इसके बाद यहां काम शुरू हो गया।
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प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि जिस तरह से पिछले साल यहां पुरावशेष मिले थे, उसी तरह इस बार भी खोदाई में कई पुरावशेष मिलने की संभावना है। माटी गांव में इस साल के उत्खनन कार्य में पिछले साल मिली गुप्तकालीन मंदिर की संरचना के चरणों का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा एक अन्य जगह पर खोदाई करवाकर यहां आवासीय स्थिति का पता लगाया जाएगा। इस दौरान प्रो.एके दूबे, डॉ. रविशंकर, डॉ. अरुण प्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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