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Varanasi News: शिक्षण संस्थानों में दीदी कैफे चला रहीं समूह की महिलाएं
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन वाराणसी से जुड़ी समूह की 44 महिलाएं जिले के इंटर और 2 महिलाएं डिग्री कालेजों में मिशन उन्नति योजना के तहत प्रेरणा कैंटीन (दीदी कैफे) चला रही हैं। इससे वह हर महीने पांच से सात हजार रुपये कमा रही हैं।
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने अक्तूबर में एनआरएलएम के उपायुक्त दिनेश सोनकर को इस योजना के तहत महिलाओं को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए थे। कैंटीन में महिलाएं उचित मूल्य पर खाने पाने की चीजें मुहैया करा रही हैं। इससे उनकी आमदनी हो रही है। वहीं, छात्र-छात्राओं को सहजता से चीजें उपलब्ध हो रही हैं। महिलाओं ने बताया कि कैंटीन से हो रही आमदनी से घर का खर्च आराम से निकल रहा है।
जिला मिशन प्रबंधक विक्रम सिंह ने बताया कि सीडीओ ने जिले में दिसंबर तक 100 कैंटीन खोलने का लक्ष्य दिया था। अभी 66 और कैंटीन खुलेंगी। स्थान का चयन किया जा चुका है।
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काशी विद्यापीठ ब्लॉक के रमना स्थित एक इंटर कॉलेज में नवंबर से कैंटीन चला रही हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दौरे में सम्मनित भी किया है। रोज 200 से 250 रुपये बच जाते हैं। - प्रतिमा गुप्ता, रमना
सेवापुरी के घोसिला स्थित एक मैनेजमेंट कॉलेज में नवंबर से कैंटीन चला रही हूं। प्रतिदिन 150 से 200 की आमदनी होती है। सौभाग्य है कि मुझे यह मौका मिला। कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री ने सम्मनित भी किया था। - दुर्गावती देवी, घोसिला
वर्जन
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पहल की गई है। महिलाओं की प्रतिदिन आय हो रही है। उन्हें लंबे समय तक के लिए रोजगार भी मिला है। - हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी
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मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने अक्तूबर में एनआरएलएम के उपायुक्त दिनेश सोनकर को इस योजना के तहत महिलाओं को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए थे। कैंटीन में महिलाएं उचित मूल्य पर खाने पाने की चीजें मुहैया करा रही हैं। इससे उनकी आमदनी हो रही है। वहीं, छात्र-छात्राओं को सहजता से चीजें उपलब्ध हो रही हैं। महिलाओं ने बताया कि कैंटीन से हो रही आमदनी से घर का खर्च आराम से निकल रहा है।
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जिला मिशन प्रबंधक विक्रम सिंह ने बताया कि सीडीओ ने जिले में दिसंबर तक 100 कैंटीन खोलने का लक्ष्य दिया था। अभी 66 और कैंटीन खुलेंगी। स्थान का चयन किया जा चुका है।
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काशी विद्यापीठ ब्लॉक के रमना स्थित एक इंटर कॉलेज में नवंबर से कैंटीन चला रही हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दौरे में सम्मनित भी किया है। रोज 200 से 250 रुपये बच जाते हैं। - प्रतिमा गुप्ता, रमना
सेवापुरी के घोसिला स्थित एक मैनेजमेंट कॉलेज में नवंबर से कैंटीन चला रही हूं। प्रतिदिन 150 से 200 की आमदनी होती है। सौभाग्य है कि मुझे यह मौका मिला। कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री ने सम्मनित भी किया था। - दुर्गावती देवी, घोसिला
वर्जन
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पहल की गई है। महिलाओं की प्रतिदिन आय हो रही है। उन्हें लंबे समय तक के लिए रोजगार भी मिला है। - हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी