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जौनपुर: महिला को अस्पताल में भर्ती करने से किया इनकार, शौचालय में दिया बच्चे को जन्म
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:15 AM IST
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित जौनपुर जिला महिला अस्पताल में प्रसव पीड़ा से ग्रस्त एक महिला को कथित रूप से स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही के कारण शौचालय में बच्चे को जन्म देना पड़ा। मामला प्रकाश मे आने के बाद जांच के आदेश दिये गए हैं। शासन के लाख प्रयास के बाद भी जौनपुर जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही।
सोमवार को प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को अस्पताल स्टाफ ने समय पर भर्ती नहीं किया, इसके चलते महिला ने अस्पताल के शौचालय में बच्ची को जन्म दिया। हालांकि प्रसव के बाद महिला को सामान्य वार्ड में भर्ती करा दिया गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
मुफ्तीगंज के कटका गांव निवासी गोविंद राम की पत्नी अंजू गौतम (28) सोमवार को दोपहर में जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने आई थी। वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से उसने अपनी परेशानी बताई।
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सोमवार को प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को अस्पताल स्टाफ ने समय पर भर्ती नहीं किया, इसके चलते महिला ने अस्पताल के शौचालय में बच्ची को जन्म दिया। हालांकि प्रसव के बाद महिला को सामान्य वार्ड में भर्ती करा दिया गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
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मुफ्तीगंज के कटका गांव निवासी गोविंद राम की पत्नी अंजू गौतम (28) सोमवार को दोपहर में जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने आई थी। वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से उसने अपनी परेशानी बताई।
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वहां मौजूद स्टाफ ने बिना जांच किए कह दिया कि प्रसव होने में अभी एक घंटे का समय है। इसी बीच अंजू शौचालय की तरफ चली गई। शौचालय में पहुंचने के कुछ ही देर में उसने बच्ची को जन्म दिया। शौचालय में बच्ची को जन्म देते ही अस्पताल में अफरातफरी मच गई।
पहले की अनदेखी बाद में आए हरकत में
वहां तैनात स्टाफ नर्स आननफानन में उसे व्हीलचेयर पर बैठाकर ले गई और सामान्य वार्ड के 25 नंबर बेड पर भर्ती करा दिया। इसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से जच्चा-बच्चा दोनों का स्वस्थ होना बताया जा रहा है। अंजू ने बताया कि अस्पताल में तैनात स्टाफ को उसने अपनी परेशानी बताई लेकिन सभी ने अनदेखी कर दी।
उसकी पीड़ा को गंभीरता से लिया गया होता तो यह समस्या खड़ी न होती। अंजू ने शौचालय की सफाई के नाम पर पैसा लेने का भी आरोप लगाया। हालांकि उसने इस संबंध में लिखित शिकायत नहीं की। अस्पताल की सीएमएस डा. आरएस सरोज ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह मा
उसकी पीड़ा को गंभीरता से लिया गया होता तो यह समस्या खड़ी न होती। अंजू ने शौचालय की सफाई के नाम पर पैसा लेने का भी आरोप लगाया। हालांकि उसने इस संबंध में लिखित शिकायत नहीं की। अस्पताल की सीएमएस डा. आरएस सरोज ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह मा