Women Day 2024: काशी में सात हजार महिला रक्तदाता, 55 ने दान कीं आंखें; 40 हजार वाहनों की मालकिन हैं महिलाएं
Women Day 2024: शिव की नगरी काशी में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ी है। इनकी शक्ति की दखल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि काशी में पिछले पांच साल में 9,295 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया और सड़कों पर फर्राटा वाहन दौड़ा रही हैं।
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शिव की नगरी काशी में शक्ति स्वरूपा नारी की दखल तेजी से बढ़ रही है। परिवार में महिलाओं पर भरोसा बढ़ने का कारण है जमीन जायदाद से लेकर वाहनों की मालकिन बनने की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। बनारस में पिछले पांच साल में 9,295 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया और सड़कों पर फर्राटा वाहन दौड़ा रही हैं। शहर के 40 हजार दो पहिया और चार पहिया वाहन महिलाओं के नाम पर दर्ज हैं।
वाराणसी में महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति लेने का क्रेज भी तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2021-22 में 18102, अगले वर्ष 2022-23 में करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 22665 महिलाओं के नाम बैनामे हुए। यह संख्या 2023-24 में बढ़कर 24,221 पहुंच गई है।
देहदान जैसे कठिन निर्णय में 90 दानदाताओं में 26 महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं की शिक्षा दर में बढ़ोतरी हुई और पांच वर्ष पहले 71.34 फीसदी से बढ़कर शिक्षा दर 75.55 फीसदी पर पहुंच गई है।
यह भी जानें
- रक्तदान: वाराणसी में एक वर्ष में 43 हजार रक्तदाताओं ने रक्तदान किया है। इसमें सात हजार महिलाएं हैं। पिछले वर्ष रक्तदाताओं की संख्या 38 हजार थी, इसमें महिलाएं 5500 ही थी।
- नेत्रदान: वर्ष 2023-24 में 100 लोगों ने नेत्रदान किया। इसमें 65 महिलाएं हैं। पिछले वर्ष महिलाओं की संख्या-50 ही थी। नसबंदी- वर्ष 2023-24 में 8 हजार 51 महिलाओं ने नसबंदी कराई। इसमें पुरुषों की संख्या महज 237 थी। वर्ष 2022-23 में 9 हजार 263 महिलाओं ने नसबंदी कराई और पुरुषों की संख्या 98 थी। नसबंदी कराने वाली महिलाओं में 98 फीसदी शिक्षित महिलाएं हैं।
- वृद्धाश्रम : जिले दो वृद्धाश्रम में 60 महिलाएं और 41 पुरुष हैं। वर्ष 2021 में महिलाओं की संख्या 52 थी। दो वर्ष में आठ महिलाएं बढ़ी हैं।
- पुलिस : जिले में तैनात 6400 पुलिसकर्मियों में महिला कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर की संख्या 695 है।
14 महिला न्यायिक
सिविल कोर्ट में 14 महिला न्यायिक अधिकारी हैं। इसके अलावा 300 महिला अधिवक्ता नियमित वकालत करती हैं। वहीं, 300 ऐसी महिला अधिवक्ता हैं जिन्होंने सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन की सदस्यता ले रखी हैं।