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शराब की दुकानों से लिए गए नमूने, की गई चेकिंग
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वाराणसी। प्रयागराज में जहरीली शराब से लोगों की मौत के बाद पुलिस और आबकारी विभाग हरकत में आया है। शनिवार की शाम शहर और देहात क्षेत्र की अंग्रेजी और देसी शराब की 110 दुकानों से आबकारी विभाग की टीम ने नमूने लिए। इसके साथ ही पुलिस ने मलिन व कंजड़ बस्तियों और देहात क्षेत्र के ईंट-भट्ठों पर चेकिंग की। शराब ठेकों के संचालकों को हिदायत दी गई है कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो उनका लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही उन्हें जेल भेजने में देरी नहीं की जाएगी।
प्रयागराज के फूलपुर तहसील क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से शुक्रवार और शनिवार को सात लोगों की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों के अनुसार जिनकी मौत हुई है उन सभी ने देसी शराब ठेके से शराब खरीद कर पी थी। इस घटना से सबक लेते हुए शनिवार को आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाने के साथ ही शराब ठेकों में बेची जा रही शराब के नमूने लिए। गौरतलब है कि 17 फरवरी 2010 को सोयेपुर में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा ईंट-भट्ठों और मलिन व कंजड़ बस्तियों में अवैध तरीके से कच्ची शराब बनाने का काम साल भर जारी रहता है। त्योहारों के समय और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही शराब बनाने के अवैध अड्डों पर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम छापा मारती है। इसके बाद फिर सब कुछ सामान्य हो जाता है। ऐसे में प्रयागराज की घटना को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन के स्तर से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उधर, इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारियों और थानेदारों को कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र में अभियान चला कर यह सुनिश्चित करें कि कोई मिलावटी या अवैध तरीके से शराब न बेंचने पाए। जो भी थानाध्यक्ष या चौकी प्रभारी निर्देश के अनुपालन में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी।
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प्रयागराज के फूलपुर तहसील क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से शुक्रवार और शनिवार को सात लोगों की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों के अनुसार जिनकी मौत हुई है उन सभी ने देसी शराब ठेके से शराब खरीद कर पी थी। इस घटना से सबक लेते हुए शनिवार को आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाने के साथ ही शराब ठेकों में बेची जा रही शराब के नमूने लिए। गौरतलब है कि 17 फरवरी 2010 को सोयेपुर में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा ईंट-भट्ठों और मलिन व कंजड़ बस्तियों में अवैध तरीके से कच्ची शराब बनाने का काम साल भर जारी रहता है। त्योहारों के समय और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही शराब बनाने के अवैध अड्डों पर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम छापा मारती है। इसके बाद फिर सब कुछ सामान्य हो जाता है। ऐसे में प्रयागराज की घटना को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन के स्तर से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उधर, इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारियों और थानेदारों को कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र में अभियान चला कर यह सुनिश्चित करें कि कोई मिलावटी या अवैध तरीके से शराब न बेंचने पाए। जो भी थानाध्यक्ष या चौकी प्रभारी निर्देश के अनुपालन में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी।
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