फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   When UP vidhayak ji put knowledge in farming now became farmers of jafrabad mla in jaunpur

यूपी के विधायक नेतागिरी के साथ करने लगे खेती, पॉली हाउस में उगा रहे कई तरह की सब्जियां

Wed, 25 Nov 2020 12:33 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 25 Nov 2020 12:33 PM IST
विज्ञापन
When UP vidhayak ji put knowledge in farming now became farmers of jafrabad mla in jaunpur
अपने खेत में खड़े विधायक। - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सेहमलपुर के हरेंद्र सिंह पेशे से डॉक्टर हैं। वह जफराबाद के विधायक भी हैं, मगर खेती को ही सर्वोपरि मानते हैं। तभी तो व्यस्त दिनचर्या के बावजूद वह खेतों में जाकर फसलों का हाल पूछना नहीं भूलते। नई तकनीक के साथ कदमताल करते हुए वह पॉली हाउस में सब्जियां उगा रहे हैं।

विज्ञापन

करीब एक एकड़ में लगे पॉली हाउस में जरबेरा फूल के साथ मटर, गोभी, बैगन, टमाटर, लहसुन, चुकंदर और कई तरह की सब्जियों के साथ वर्मी खाद भी तैयार हो रही है। कई गांवों के किसान यहां आकर पॉली हाउस की खेती का गुण भी सीख रहे हैं।
विज्ञापन



करीब दो साल पहले जरबेरा को खेती के लिए एक एकड़ में पॉली हाउस लगाया गया था। इस पर 40-45 लाख रुपये खर्च हुआ। एक बार जरबेरा लगाकर चार बार उत्पादन ले सकते हैं। इस खेती पर अनुदान की भी सुविधा है और फूलों की मांग भी खूब है। पारंपरिक खेती की तुलना में इसमें 80 फीसदी तक ज्यादा मुनाफा है। डिमांड के हिसाब से अलग-अलग रंगों के फूल उगाए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

When UP vidhayak ji put knowledge in farming now became farmers of jafrabad mla in jaunpur
पॉली हाउस में विधायक। - फोटो : अमर उजाला

साल भर फूलों की डिमांड रहती है। इस वजह से इसकी मार्केट आसानी से हासिल हो जाती है। फूलों को बेचने में दिक्कत नहीं होती है। हालांकि इस बार लॉकडाउन के कारण फूलों की बिक्री कम हुई तो सब्जियों से भरपाई हो जाएगी। खास बात यह कि पॉली हाउस में कंपोस्ट खाद भी तैयार हो रही है, जिसकी मदद से वह अन्य पारंपरिक फसलों का अच्छा उत्पादन कर रहे हैं।

सोना उगलेंगे खेत, बस तकनीक बदलने की जरूरत
डॉ हरेंद्र सिंह का कहना है कि खेती से ही हम सबकी पहचान है। फिर इसमें हाथ लगाने से परहेज कैसा। खेत हम सबका पेट भरते हैं और सब मुंह मोड़ेगा तो फसल कैसे होगी। वैसे भी सरकार खेती को प्रोत्साहन के लिए तमाम योजनाएं चला रही है। बस जागरूक होकर इसका लाभ उठाने की जरूरत है। तकनीक के साथ मिलकर मिट्टी से प्यार करें तो खेत आज भी सोना ही उगलेंगे।

क्या है पॉली हाउस
जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि पॉली हाउस का इस्तेमाल उन फसलों के लिए किया जाता है जो कम तापमान में उगती हैं। इसमें फसल को पूरी तरह से कवर कर दिया जाता है। इसके अंदर पंखे लगाकर तापमान को स्थिर रखा जाता है। विदेशी फूल और कई सब्जियां जलवायु परिवर्तन के कारण हमारे देश में हर मौसम में नहीं उग पाते हैं। जरबेरा फूल ठंडे मौसम में उगता है। इसी तरह से गोभी, टमाटर आदि सब्जी भी पॉली हाउस में उगाए जा सकते हैं। जिस फसल के लिए जितना तापमान चाहिए होता है, इसमें उतना ही मेंटेन किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed