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मांगने गए थे पेंशन, दे दी रिकवरी की टेंशन

Sun, 26 Sep 2021 12:47 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 12:47 AM IST
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Went to ask for pension, gave the tension of recovery
विकास प्राधिकरण में सेवा के बाद रिटायर कर्मचारी पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं। हालत यह है कि एक कर्मचारी तो छह माह से विभाग में रोज पहुंच रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पेंशन तो मिली नहीं उलटे विभाग से उसे आठ लाख की रिकवरी का फरमान सुनाया दिया गया। जिससे उसके होश उड़ गए हैं।
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वीडीए में काम करने वाले अभियंता नरेंद्र सिंह, लेखाकार राकेश विजयी, लिपिक कौशल कुमार सोनकर, जेपी सिंह, गर्ग बाबू व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरिप्रसाद द्विवेदी पेंशन के लिए विभाग में भागदौड़ कर रहे हैं। कौशल का कहना है कि वह छह माह से परेशान हैं, लेकिन उन्हें पेंशन नहीं दी जा रही है। अधिष्ठान में शासन की स्पष्ट नीति नहीं होने से दिक्कतें आ रही हैं। इससे गणना में देरी हो रही है। खास बात यह है कि अब उनसे आठ लाख रिकवरी की बात कही गई है।
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विभागीय कर्मचारी बताते हैं कि 27 नवंबर 2012 से लेकर 4 अक्तूबर 2018 तक जो भी शासनादेश उत्तर प्रदेश के आवास विभाग से जारी हुआ है, उसमें सभी कर्मचारियों की तदर्थ सेवा को जोड़ने की बात कही गई है। जबकि 19 नवंबर 2019 का जो शासनादेश जारी हुआ है उसमें तदर्थ सेवा को नहीं जोड़ने का आदेश है। ऐसे में अधिष्ठान कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है, जिससे रिटायर्ड कर्मचारी परेशान हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि तदर्थ सेवा को कर्मचारियों की सेवा में जोड़ा जाए या नहीं इस संदर्भ में वीडीए ने शासन से गाइडलाइन मांगी है लेकिन अभी तक जवाब नहीं आने से अफसर निर्णय लेने में हिचक रहे हैं।
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