पीएम मोदी के काशी आने पर बुनकरों और शिल्पियों को ढेर सारी उम्मीदें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी आगमन को लेकर बुनकरों और शिल्पियों ने भी ढेरों उम्मीद लगा रखी है। उन्हें आशा है कि पीएम काशी दौरे के दौरान वाराणसी स्पेशल हैंडीक्राफ्ट मेगा क्लस्टर के विस्तृत संस्करण की घोषणा की जा सकती है।
वस्त्र मंत्रालय ने पिछले साल वाराणसी के शिल्पियों के लिए स्पेशल हैंडीक्राफ्ट मेगा क्लस्टर की शुरुआत की थी। 32 करोड़ की लागत वाली इस योजना से 25 हजार शिल्पियों को लाभान्वित किया जाना था।
यह क्लस्टर एक, दो स्टेज के बाद ठप पड़ गई। एक बार फिर बुनकरों और शिल्पियों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। ऐसे में इस व्यवसाय व हुनर से जुड़े लोगों में नई उम्मीद जग गई है। आशा है कि प्रधानमंत्री मेगा क्लस्टर की शुरुआत पहले से ज्यादा प्रभावी ढंग से शुरू करने की घोषणा कर सकते हैं।
इससे 25 हजार शिल्पी सीधे लाभान्वित होंगे। वहीं अपरोक्ष रूप से दो लाख लोगों के लाभान्वित होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस योजना से बनारस व आसपास के क्षेत्रों से जुड़े 11 जीआई उत्पादों के हुनरमंदों को लाभ मिलेगा। वहीं दूसरी ओर हस्तशिल्पी सालों से सौर ऊर्जा में सब्सिडी की मांग कर रहे हैं।
उनकी मांग है कि बिजली की दरों में कमी लाई जाए या फिर सौर ऊर्जा का सेटअप लगाने में 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाए। इस बार पीएम से उन्हें ढेरों उम्मीद है। सब मिलाकर पांच सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार है।
वाराणसी मेगा क्लस्टर यह है :
एक भौगोलिक क्षेत्र जहां विशेष प्रकार के उत्पाद तैयार होते हो सरकार उनके संरक्षण संवर्धन के लिए विशेष सुविधाएं देती है। उस खास क्षेत्र के शिल्पी या बुनकरों के समूह की सरकार मदद करती है। वाराणसी मेगा क्लस्टर किसी विशेष क्षेत्र या शिल्पी के लिए नहीं बल्कि पूरे वाराणसी के लिए था जहां अलग-अलग क्षेत्रों में शिल्प व बुनकरी फैली हुई है। क्लस्टर के माध्यम से कच्चा माल, टूल्स, डिजाइन का प्रशिक्षण, ऑनलाइन बाजार में मदद आदि की सुविधा दी जानी है।
मास्टर बुनकर जमालुद्दीन अंसारी का कहना है कि शिल्पियों के लिए क्लस्टर योजना को मजबूती के साथ दोबारा शुरू करने की पूरी उम्मीद है। इससे हजारों लोगों को लाभ होगा। तो वहीं स्टेट अवार्डी बच्चे लाल मौर्या ने बताया कि शिल्पी, महंगी बिजली नहीं खरीद पा रहा है। उसे सौर ऊर्जा का सेट अप लगाने में सब्सिडी मिलने की पूरी उम्मीद है।