Weather Update: वाराणसी में सूरज की तल्खी से लोग बेहाल, पारा 45 के करीब, दो-तीन दिन राहत के नहीं आसार
वाराणसी समेत आसपास के जिलों में इन दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बीते बुधवार को हुई बारिश के बाद गर्मी का असर बढ़ गया। दिन में चिलचिलाती धूप तो रात में उमस भरी गर्मी झेलने को लोग विवश हैं।
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वाराणसी समेत आसपास के जिलों में पिछले सप्ताह तक नम हवाएं, बूंदाबांदी के बाद अब तीखी धूप के साथ ही गर्म हवाएं चलने लगी है। दिन में चिलचिलाती धूप तो रात में उमस भरी गर्मी झेलने को लोग विवश हैं। मौसम में अचानक आने वाले इस बदलाव से लोग परेशान हैं। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि फिलहाल दो-तीन दिन राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
शनिवार सुबह से सूरज के तेवर तल्ख हैं। इससे पहले शुक्रवार इतनी तेज धूप हुई कि लगा जैसे आसमान से आग बरस रहा हो। तापमान भी एक बार फिर 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
दक्षिण पश्चिमी भागों में इन दिनों हीटवेव चल रहा
गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को धूप बहुत तीखी रही। शाम को भी गर्मी का असर देखने को मिला। गुरुवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस की जगह शुक्रवार को 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि दक्षिण पश्चिमी भागों में इन दिनों हीटवेव चल रहा है, उसी का असर है कि मौसम में बदलाव हुआ है। जिस तरह का मौसम बना है, उसको देखकर यहीं कहा जा सकता है कि फिलहाल दो-तीन दिन राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
दावे हवा-हवाई, बिजली कटौती ने नींद उड़ाई
कटौती मुक्त बिजली देने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। 24 घंटे आपूर्ति का दावा करने वाले विभाग की ओर से शहरी क्षेत्र में औसतन 21 से 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 से 20 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है। लोकल फाल्ट और उपकरण सेविंग के नाम पर शहर में दो से तीन घंटे की कटौती की जा रही है। इससे जनता की परेशानी बढ़ गई है।
बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में इंवर्टर भी जवाब दे रहे हैं। विभाग को अंडर ग्राउंड केबल फाल्ट ढूंढने में चार से पांच घंटे लग जा रहे हैं। हाल ही में फुलवरिया फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान बिजली विभाग को फाल्ट ढूंढने में आठ घंटे लग गए थे। इससे पहले सारनाथ क्षेत्र के अंडरग्राउंड केबल में खराबी आने से लोगों को 10 घंटे से अधिक समय अंधेरे में गुजारना पड़ा था।
ट्रिपिंग के चलते हो रही कटौती, किसान परेशान
ग्रामीण क्षेत्रों में भी ट्रिपिंग ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है। जक्खिनी फीडर से जुड़े तमाम गांव आंधी तूफान के दिनों में काफी परेशानी का सामना करते हैं। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जरा भी तेज हवा चलती है तो ट्रिपिंग के नाम पर घंटों कटौती की जाती है। जिसके चलते किसानों को खेतों की सिंचाई करने में परेशानी होती है। रोहनियां क्षेत्र में ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई है। जक्खिनी, जयापुर, नरसड़ा, टोडरपुर फीडर में भी ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी है। नीरज पांडेय, सर्वजीत उपाध्याय, नीलरतन मिश्र, किशन जायसवाल पप्पू विश्वकर्मा, रोहित मोदनवाल आदि ने बताया कि ट्रिपिंग सेे समस्या बढ़ गई है।