{"_id":"5908e0c34f1c1bcc3a4438ee","slug":"weather-hit-sick-growing","type":"story","status":"publish","title_hn":" तापमान में उतार-चढ़ाव कर रहा बीमार, अस्पतालों में भीड़ बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तापमान में उतार-चढ़ाव कर रहा बीमार, अस्पतालों में भीड़ बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 03 May 2017 05:10 PM IST
विज्ञापन
मंडलीय और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तापमान में उतारचढ़ाव और हवा के रुख में लगातार बदलाव से मौसमी बीमारी तेजी से फैलने लगी है। बच्चे बड़े सभी सर्दी जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। डायरिया, पेट दर्द से ग्रसित लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मंडलीय और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। सोमवार और मंगलवार दो दिन में मंडलीय अस्पताल में करीब 21 बच्चे मौसमी बीमारी के चलते भर्ती हो चुके हैं। उधर बीएचयू अस्पताल में भी मरीजों का दबाव बढ़ गया है। जनरल फिजिशियन की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
दीनदयाल अस्पताल की रोजाना की ओपीडी में 80 से 90 मरीज आते थे, अब संख्या 120 से 130 हो गई है। इसमें बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त से पीड़ित मरीज ज्यादा हैं। मरीजों में बच्चों की संख्या अधिक है। यही हाल मंडलीय अस्पताल का भी है।
विज्ञापन
यहां भी रोजाना की ओपीडी में मौसमी बीमारियों से ग्रसित 120-130 मरीज रोज आ रहे हैं। यहां दो दिन में 21 बच्चे भर्ती हुए हैं। जनरल वार्ड में दो दिन में भर्ती मरीजों का आंकड़ा 28 है। जिला अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत लेकर पांडेयपुर से सुनीता आई थीं।
इसी तरह चोलापुर से फिरोज डायरिया की शिकायत लेकर आए थे। उधर मंडलीय अस्पताल में राजापुरा से आए उस्मान अली ने बताया कि गर्मी के चलते दो दिन से बुखार और उल्टी से पीड़ित हैं। बड़ी पियरी के अमर नाथ को भी यही शिकायत थी।
लोहता, महेशपुर, चांदपुर जैसे इलाकों में डायरिया फैला हुआ है। इन इलाकों के लोग डायरिया की शिकायत लेकर रोजाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व मंडलीय अस्पताल का रुख कर रहे हैं। मौसम में बदलाव के साथ ही दूषित पानी की सेवन डायरिया का प्रमुख कारण है।
बरतें सावधानी
- सीधे धूप से आने के बाद घर में एसी या कूलर के पास न बैठें। कूलर या एसी से निकलने के बाद सीधे धूप में न जाएं।
- गर्मी में लू, डिहाड्रेशन के साथ फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है। ऐसे में खानपान का ध्यान रखें।
- बाहर के कटे फल और खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- धूप में निकलते वक्त सिर ढककर रखें। धूप से बचाव के पूरे इंतजाम करें।
- डिहाइड्रेशन होने पर ओआरएस और नींबू पानी का सेवन करें।
विज्ञापन
मंडलीय और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। सोमवार और मंगलवार दो दिन में मंडलीय अस्पताल में करीब 21 बच्चे मौसमी बीमारी के चलते भर्ती हो चुके हैं। उधर बीएचयू अस्पताल में भी मरीजों का दबाव बढ़ गया है। जनरल फिजिशियन की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
विज्ञापन
दीनदयाल अस्पताल की रोजाना की ओपीडी में 80 से 90 मरीज आते थे, अब संख्या 120 से 130 हो गई है। इसमें बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त से पीड़ित मरीज ज्यादा हैं। मरीजों में बच्चों की संख्या अधिक है। यही हाल मंडलीय अस्पताल का भी है।
विज्ञापन
यहां भी रोजाना की ओपीडी में मौसमी बीमारियों से ग्रसित 120-130 मरीज रोज आ रहे हैं। यहां दो दिन में 21 बच्चे भर्ती हुए हैं। जनरल वार्ड में दो दिन में भर्ती मरीजों का आंकड़ा 28 है। जिला अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत लेकर पांडेयपुर से सुनीता आई थीं।
इसी तरह चोलापुर से फिरोज डायरिया की शिकायत लेकर आए थे। उधर मंडलीय अस्पताल में राजापुरा से आए उस्मान अली ने बताया कि गर्मी के चलते दो दिन से बुखार और उल्टी से पीड़ित हैं। बड़ी पियरी के अमर नाथ को भी यही शिकायत थी।
लोहता, महेशपुर, चांदपुर जैसे इलाकों में डायरिया फैला हुआ है। इन इलाकों के लोग डायरिया की शिकायत लेकर रोजाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व मंडलीय अस्पताल का रुख कर रहे हैं। मौसम में बदलाव के साथ ही दूषित पानी की सेवन डायरिया का प्रमुख कारण है।
बरतें सावधानी
- सीधे धूप से आने के बाद घर में एसी या कूलर के पास न बैठें। कूलर या एसी से निकलने के बाद सीधे धूप में न जाएं।
- गर्मी में लू, डिहाड्रेशन के साथ फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है। ऐसे में खानपान का ध्यान रखें।
- बाहर के कटे फल और खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- धूप में निकलते वक्त सिर ढककर रखें। धूप से बचाव के पूरे इंतजाम करें।
- डिहाइड्रेशन होने पर ओआरएस और नींबू पानी का सेवन करें।