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बदलता मौसम बिगाड़ न दे सेहत
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वाराणसी। मौसम का मिजाज इन दिनों तेजी से बदल रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। तापमान में भी उतार-चढ़ाव जारी है, ऐसे समय में मौसमी बीमारियों के होने का भी खतरा अधिक है। डॉक्टरों के मुताबिक, पहले से ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पिछले दिनों बारिश और फिर बर्फीली हवाओं के चलने से मौसम में जिस तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है, ऐसे समय में सेहत के प्रति जरा सी लापरवाही घातक सिद्ध हो सकती है। गले में खराश, जुकाम, सर्दी खांसी के साथ ही बच्चों में निमोनिया और डायरिया की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में संतुलित खानपान के साथ ही बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक रहने की जरूरत है। महिलाओं, बच्चों, विशेषकर 60 साल से अधिक आयु के लोगो की सेहत की मॉनिटरिंग भी जरूरी है।
कोरोना का संक्रमण भी एक बार फिर से बढ़ने लगा है। ऐसे समय में लोगों को पहले की अपेक्षा ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। सर्दी, खांसी, जुकाम कोरोना के संभावित लक्षण हैं। इससे बचने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन बहुत जरूरी है।-डॉ.पीके सिंह, फिजिशियन, दीनदयाल अस्पताल
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ठंड के मौसम में खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। इस मौसम में पेट संबंधी बीमारियों के साथ ही हड्डियों और जोड़ों में दर्द की भी शिकायत आती है। परेशानी पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए। महिलाओं, बच्चों, पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी।-डॉ. प्रसन्न कुमार, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल
इन बातों का रखें ख्याल
-जरूरत के हिसाब से गर्म कपड़े जरूर पहने।
- बहुत जरूरी न हो तो घर पर पंखों का भी प्रयोग बंद कर दें।
- फ्रिज का पानी, ज्यादा ठंडा सामान खाने से भी बचना चाहिए।
- मौसमी फल और सब्जियों का ही सेवन करें।
-हर दिन एक घंटे धूप में जरूर रहना चाहिए।
- तीन दिन से अधिक सर्दी खांसी जुकाम हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
-60 साल से अधिक आयु वालों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें।
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पिछले दिनों बारिश और फिर बर्फीली हवाओं के चलने से मौसम में जिस तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है, ऐसे समय में सेहत के प्रति जरा सी लापरवाही घातक सिद्ध हो सकती है। गले में खराश, जुकाम, सर्दी खांसी के साथ ही बच्चों में निमोनिया और डायरिया की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में संतुलित खानपान के साथ ही बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक रहने की जरूरत है। महिलाओं, बच्चों, विशेषकर 60 साल से अधिक आयु के लोगो की सेहत की मॉनिटरिंग भी जरूरी है।
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कोरोना का संक्रमण भी एक बार फिर से बढ़ने लगा है। ऐसे समय में लोगों को पहले की अपेक्षा ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। सर्दी, खांसी, जुकाम कोरोना के संभावित लक्षण हैं। इससे बचने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन बहुत जरूरी है।-डॉ.पीके सिंह, फिजिशियन, दीनदयाल अस्पताल
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ठंड के मौसम में खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। इस मौसम में पेट संबंधी बीमारियों के साथ ही हड्डियों और जोड़ों में दर्द की भी शिकायत आती है। परेशानी पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए। महिलाओं, बच्चों, पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी।-डॉ. प्रसन्न कुमार, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल
इन बातों का रखें ख्याल
-जरूरत के हिसाब से गर्म कपड़े जरूर पहने।
- बहुत जरूरी न हो तो घर पर पंखों का भी प्रयोग बंद कर दें।
- फ्रिज का पानी, ज्यादा ठंडा सामान खाने से भी बचना चाहिए।
- मौसमी फल और सब्जियों का ही सेवन करें।
-हर दिन एक घंटे धूप में जरूर रहना चाहिए।
- तीन दिन से अधिक सर्दी खांसी जुकाम हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
-60 साल से अधिक आयु वालों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें।