UP: अब काशी में हिजाब, घूंघट, मास्क वालों को नहीं मिलेगा गहना; सुरक्षा के मद्देनजर व्यापारियों ने लिया फैसला
Varanasi News: बनारस के सराफा कारोबारी ने एक फैसला लिया है, जिसमें अब हिजाब, घूंघट, मास्क वालों को आभूषण नहीं बेचे जाएंगे। इसके साथ ही संदिग्ध गतिविधि रखने वालों पर नजर रखी जाएगी।
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Varanasi News: झांसी, लखनऊ और बिहार के बाद अब काशी में भी सराफा कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर अहम निर्णय लिया है। बनारस की फुटकर सराफा दुकानों और शोरूम में अब कोई भी ग्राहक हिजाब, घूंघट, हेलमेट या मास्क पहनकर सोने-चांदी के गहनों की खरीदारी नहीं कर सकेगा। यह फैसला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में हुई चोरी, लूट और ठगी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सराफा एसोसिएशन के अनुसार, जिले में थोक सराफा मंडी के अलावा शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब 2500 से अधिक फुटकर सराफा कारोबारी सक्रिय हैं। बीते कुछ महीनों में सराफा दुकानों को निशाना बनाकर अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें चेहरे ढंककर आने वाले अपराधियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण व्यापारियों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष कमल कुमार सिंह, महामंत्री किशोर सेठ और व्यापारी अविनाश सेठ का कहना है कि यह नियम किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। सराफा दुकानों में महंगे गहने होते हैं और थोड़ी सी चूक बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। ऐसे में चेहरे की स्पष्ट पहचान दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
सभी दुकानों में सीसी कैमरे जरूरी: पुलिस आयुक्त
सराफा कारोबारियों की सुरक्षा को देखते हुए जिले के सभी थोक एवं फुटकर दुकानों में सीसी कैमरे लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने व्यापारियों संग आयोजित गोष्ठी में इस आदेश को अमल में लाने के निर्देश दिए थे।