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Varanasi News: विरासत से विकास की ओर बढ़ना होगा, अयोध्या उदाहरण
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लखनऊ। भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि हमें विरासत से विकास की ओर बढ़ना होगा। अयोध्या से बढ़कर इसका उदाहरण और कोई नहीं हो सकता है। अयोध्या में न सिर्फ विरासत को सहेजा गया, बल्कि पर्यटन व विकास के माध्यमों से रोजगार की असीम संभावना भी पैदा की गई।
विचार आदान-प्रदान सत्र में उन्होंने कहा, हमें पढ़ाई में संस्कार को शामिल करना होगा। विवि-शिक्षण संस्थानों को एक सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। एनईपी 2020 भी समाज के लिए काम करने पर फोकस कर रही है। हमें आपसी विचार-विमर्श से आगे बढ़ना होगा। राज्यों के बीच के अंतर को कम करना होगा। एंटरप्रेन्योरशिप और स्किल को बढ़ाना होगा। ईको सिस्टम भी विकसित करना होगा।
मणिपुर विश्वविद्यालय इंफाल के कुलपति प्रो. लोकेंद्र सिंह ने बताया कि हमने पांच साल का यूजी कोर्स शुरू किया है। कृषि विवि से समझौता कर विद्यार्थियों को क्षेत्र की तकनीकी जानकारी दे रहे हैं। डांस-म्यूजिक की पढ़ाई से युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। चाणक्य यूनिवर्सिटी बंगलूरू के रजिस्ट्रार प्रो. सुशांत जोशी ने बताया कि उनका 25 फीसदी कोर्स इंडस्ट्री व स्किल पर है। बहुविषयक शिक्षा भी देते हैं। बीकॉम का विद्यार्थी एक साल की पढ़ाई कर किसी दूसरे कोर्स में जा सकता है। सत्र में रिशीहुड यूनिवर्सिटी सोनीपथ की डीआर प्रो. गुंजन राजपूत, रायगंज यूनिवर्सिटी पश्चिम बंगाल के कुलपति प्रो. दीपक कुमार राय, गलगोटिया यूनिवर्सिटी नोएडा के कुलपति प्रो. के मल्लिकार्जुन बाबू ने भी विचार रखे।
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विचार आदान-प्रदान सत्र में उन्होंने कहा, हमें पढ़ाई में संस्कार को शामिल करना होगा। विवि-शिक्षण संस्थानों को एक सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। एनईपी 2020 भी समाज के लिए काम करने पर फोकस कर रही है। हमें आपसी विचार-विमर्श से आगे बढ़ना होगा। राज्यों के बीच के अंतर को कम करना होगा। एंटरप्रेन्योरशिप और स्किल को बढ़ाना होगा। ईको सिस्टम भी विकसित करना होगा।
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मणिपुर विश्वविद्यालय इंफाल के कुलपति प्रो. लोकेंद्र सिंह ने बताया कि हमने पांच साल का यूजी कोर्स शुरू किया है। कृषि विवि से समझौता कर विद्यार्थियों को क्षेत्र की तकनीकी जानकारी दे रहे हैं। डांस-म्यूजिक की पढ़ाई से युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। चाणक्य यूनिवर्सिटी बंगलूरू के रजिस्ट्रार प्रो. सुशांत जोशी ने बताया कि उनका 25 फीसदी कोर्स इंडस्ट्री व स्किल पर है। बहुविषयक शिक्षा भी देते हैं। बीकॉम का विद्यार्थी एक साल की पढ़ाई कर किसी दूसरे कोर्स में जा सकता है। सत्र में रिशीहुड यूनिवर्सिटी सोनीपथ की डीआर प्रो. गुंजन राजपूत, रायगंज यूनिवर्सिटी पश्चिम बंगाल के कुलपति प्रो. दीपक कुमार राय, गलगोटिया यूनिवर्सिटी नोएडा के कुलपति प्रो. के मल्लिकार्जुन बाबू ने भी विचार रखे।
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