सही सलामत मिली एक और शहनाई
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बीते साल चार दिसंबर की रात चाहमामा निवासी काजिम हुसैन ने पुलिस को सूचना दी थी कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की चांदी की पांच शहनाइयां, सोने के दो कंगन और इनामी तश्तरी उनके घर में रखे बक्से का ताला तोड़कर चुरा ली गई है। मामले में एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने मंगलवार को काजिम हुसैन के बेटे नजरे हसन के साथ छोटी पियरी के सर्राफ शंकरलाल सेठ और उसके बेटे सुजीत सेठ को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के अनुसार तीन शहनाइयों की चांदी गला दी गई है और चांदी का पत्तर लगी लकड़ी की एक शहनाई बरामद हुई है। पोते ने सर्राफ से शहनाइयों का सौदा 17 हजार रुपये में किया था।
मंगलवार रात एसटीएफ ने चौक पुलिस को नजरे हसन को सुपुर्द किया। चौक पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उस्ताद की चांदी एक और शहनाई वह हड़हा स्थित पुश्तैनी मकान में एक संदूक में छिपाकर रखा है। असोम का प्लान कैंसल होने पर ओडिशा जाने का मन बनाया था। इसके लिए वह पांचवीं शहनाई बेचता। क्षेत्राधिकारी दशाश्वमेध सत्येेंद्र तिवारी ने बताया कि बरामद शहनाई उस्ताद को पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव ने दी थी। कहा कि कंगन और तश्तरी गायब होने की पुष्टि नहीं हुई है। गलत सूचना देने के संबंध में काजिम से पूछताछ की जाएगी।